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दिल्ली : GSSS की सेंट्रल कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक, सीके शर्मा को अहम जिम्मेदारी, बने वरिष्ठ उपाध्यक्ष, PHOTOS


दीपक राई
वीर गोरखा न्यूज पोर्टल
नई दिल्ली: गोरखालैंड संयुक्त संघर्ष समिति यानी जीएसएसएस की केंद्र समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक कल रविवार के दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित की गई। इसमें महत्वपूर्ण निर्णय किए गए, जिनमें मुख्य सलाहकार चिरंजीव कुमार शर्मा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा 8 महिला सदस्यों को दिल्ली के नारी संगठन में सांगठनिक सचिव बनाया गया है। वहीं गुड़गांव की शाखा के लिए भी युवा महासचिव का भी चयन किया गया है। इसके साथ सोशल मीडिया के लिए भी एक व्यक्ति का चुनाव किया गया है। 7 सदस्यीय दिल्ली युवा संगठन सचिव के भी नए पद सृजित किए गए हैं। गौरतलब है कि जीएसएसएस ने आगामी नवंबर महीने में 24 तारीख को संसद मार्च के बड़े कार्यक्रम को आयोजित करने की घोषणा की है, जिसके मद्देनजर इस सांगठनिक विस्तार को अहम माना जा सकता है। बीते दिनों दार्जिलिंग में जिस तरह समिति को पहाड़ के जनमानस का गोरखालैंड के मुद्दे पर अभूतपूर्व समर्थन मिला उसको देखते हुए जीएसएसएस को भविष्य के लिए लंबी रेस का घोड़ा माना जा सकता है साथ ही अब केवल यही समिति एकमात्र संगठन रह गई है जो पृथक गोरखालैंड राज्य आंदोलन के लिए अपनी मांग को सतत बनाए रखे हुए है।

सीके शर्मा को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
समिति के संस्थापक सदस्य एवं मुख्य सलाहकार/ जनसंपर्क प्रमुख तथा समाजसेवी सीके शर्मा को अब जीएसएसएस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। शर्मा शुरू से ही समिति में आगे बढ़-चढ़कर संगठन को मजबूत बनाने के लिए सतत प्रयास कर रहे हैं। यहां तक कि आज तक जीएसएसएस को पहाड़ समेत राष्ट्रीय स्तर में गोर्खाली जनमानस की लोकप्रिय संगठन बनाने के पीछे भी सीके शर्मा का महत्वपूर्ण रोल रहा है। संगठन के लिए शर्मा ने पूर्व में भी दिल्ली में रहकर एवं दिल्ली के बाहर दार्जिलिंग पहाड़ समेत हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड एवं संपूर्ण भारतवर्ष में गोरखालैंड की आवाज को बुलंद करने जैसे सफल कार्यक्रम को जीएसएसएस के बैनर तले आयोजित करवाते हुए अपनी सांगठनिक प्रतिभा का भी लोहा मनवाया है। यह देखना रोचक होगा कि शर्मा को मिले इस महत्वपूर्ण कमान कावा निर्माण और अधिक प्रभावशाली तरीके से कैसे आगे रखते हुए जीएसएसएस को देश की एक प्रमुख गोर्खाली समुदाय की गैर-राजनीतिक संगठन के तौर पर मजबूत बनाते हैं।

राष्ट्रीय स्तर में जीएसएसएस के सांगठनिक प्रसार की योजना
जीएसएसएस के संस्थापक सदस्य एवं मुख्य सलाहकार राजीव शर्मा ने वीर गोरखा डॉट कॉम से बातचीत करते हुए बताया कि शीघ्र ही उनकी समिति देश में रहने वाले डेढ़ करोड़ गोरखाओं की उम्मीदों के लिए गोरखालैंड पृथक राज्य आंदोलन लगातार चलाएं रखेंगे। साथ ही संपूर्ण भारत में रहने वाले गोरखा समुदाय के लिए भी विशेष प्रावधानों की मांग उनकी भावी योजनाओं में शामिल है। गौरतलब है कि वर्तमान परिदृश्य में जीएसएसएस ही एकमात्र गैर- राजनीतिक या राजनैतिक संगठन है जो गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर जंतर मंतर में विगत 134 दिनों से धरना एवं 104 दिनों से रिले भूख हड़ताल का आयोजन जारी रखे हुए हैं। आगे राजीव शर्मा ने बताया कि उनकी समिति अब जल्द ही दक्षिण भारत में भी अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में कई शाखाओं को जल्द से जल्द शुरू करके अखिल भारतीय गोरखाओं की समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ चढ़कर उनके मुद्दा उठाते रहने को दृढ़संकल्पित है।



 

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