Header Ads

गोरखा जनमुक्ति युवा मोर्चा (GJYM) ने भी अब छोड़ा अब विमल गुरुंग का साथ, बिनॉय गुट दिनों-दिन ताकतवर


दार्जिलिंग : गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख विमल गुरुंग लगातार हाशिये पर फिसलते जा रहे हैं. अब उनके हाथों से पार्टी का युवा मोर्चा भी निकलता दिख रहा है. उल्लेखनीय है कि पार्टी को बड़ी ताकत गोरखा जनमुक्ति युवा मोर्चा (गोजयुमो) से ही मिलती है. अब इसी गोजयुमो ने विमल गुरुंग को छोड़ बागी नेता विनय तमांग का हाथ पकड़ लिया है. मंगलवार को गोजयुमो की केंद्रीय कोर कमेटी की बैठक संगठन के केंद्रीय उपाध्यक्ष मिरेन लामा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में तय हुआ कि अलग राज्य गोरखालैंड के लिए विनय तमांग और अनित थापा ने लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन चलाने का जो निर्णय लिया है, उसका समर्थन करना है.

दार्जिलिंग प्रेस गिल्ड में गोजयुमो के केंद्रीय प्रवक्ता अरुण छेत्री ने पत्रकारों को बताया कि मंगलवार को गोजयुमो कोर कमेटी की बैठक मिरेन लामा की अध्यक्षता में हुई. इस कोर कमेटी में कुल 31 सदस्य हैं. जिसमें से करीब 80 प्रतिशत सदस्यों की बैठक में उपस्थिति रही. जो लोग बैठक में थे उनमें मिरेन लामा के अलावा सह-सचिव केवलराज पोखरेल, केंद्रीय प्रवक्ता अरुण छेत्री, संजीव छेत्री जैसे शीर्ष नेता उपस्थित थे. युवा मोर्चा के केंद्रीय महासचिव अमृत योंजन बैठक में तो नहीं थे, पर टेलीफोन पर उन्होंने विनय तमांग के साथ खड़ा होने का समर्थन किया.

एक प्रश्न के जवाब में प्रवक्ता श्री छेत्री ने गोजयुमो के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रकाश गुरुंग का नाम लिए बगैर कहा कि केंद्रीय अध्यक्ष पर यूएपीए जैसे कानूनों के तहत मामले दर्ज किये जाने के कारण उनसे टेलीफोन पर बातचीत नहीं हो सकी है. लेकिन बाकी सभी केन्द्रीय कमेटी और कोर कमेटी सदस्यों के साथ बातचीत हुई है.श्री छेत्री ने बताया कि ठीक ढंग से आंदोलन की रूपरेखा तैयार नहीं होने के कारण गोरखालैंड आंदोलन विफल हुआ. इसके अलावा केंद्र की भाजपा सरकार ने भयानक विश्वासघात किया. ऐसी स्थिति में विनय तमांग और अनित थापा ने बातचीत का रास्ता निकाला और गोजमुमो के तीनरंगी झंडे का अस्तित्व बचाया. यही हमलोगों के लिए सबसे बड़ी बात है. 

आगामी 16 अक्तूबर को राज्य सरकार ने फिर से कोलकाता में द्विपक्षीय बैठक बुलायी है, जिसमें विनय तमांग के नेतृत्व में हमारी प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अलग गोरखालैंड राज्य के लिए त्रिपक्षीय वार्ता बुलाने की मांग की जायेगी. हमारी दूसरी प्रमुख मांग चाय बागानों में दैनिक न्यूनतम मजदूरी कानून लागू कराना होगा. एक प्रश्न के जवाब में श्री छेत्री ने कहा कि कुछ ही दिनों के भीतर गोजयुमो केंद्रीय कमेटी की बैठक बुलायी जायेगी और उसमें पुरानी कमेटी को भंग करके नयी कमेटी का गठन किया जायेगा.

Powered by Blogger.