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देहरादून : दशैं-दीपावली महोत्सव को लेकर गोरखा उप-जातीय समितियों की नाराजगी, बिना अनुमति नाम छापने से खफा




दीपक राई
वीर गोरखा न्यूज नेटवर्क
देहरादून : वीर गोर्खा कल्याण समिति नामक एक सामाजिक संस्था द्वारा आगामी 14 एवं 15 अक्टूबर को आयोजित किए जाने वाले दशैं एवं दीपावली महोत्सव को लेकर गोरखा उपजातिय समितियों ने अपना विरोध करना शुरू कर दिया है। सबसे पहले तमु धीं (गुरुंग समाज) ने आधिकारिक रूप से कड़ा एतराज जताते हुए वीर गोरखा डॉट कॉम को बताया कि उक्त संस्था द्वारा बिना अनुमति लिए आमंत्रण पत्र पर उनके संस्था के नाम का उल्लेख किया गया है। जिस पर हमें कड़ा एतराज है साथ ही समाज के महासचिव तिलक राज गुरुंग ने बताया कि उनकी तमु धीं संस्था का इस दो दिवसीय महोत्सव से कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए वह इस पर अपना पक्ष स्पष्ट कर देना चाहते हैं। इसके अलावा भारतीय मगर समाज समिति ने भी कड़ा एतराज जताते हुए उक्त आयोजक संस्था के द्वारा आमंत्रण पत्र पर उनकी समिति का नाम उल्लेख करने पर एतराज जताया है। समिति के अध्यक्ष की तरफ से महासचिव गोवर्धन राना ने वीर गोरखा डॉट कॉम को बताया कि वह किसी भी प्रकार से इस दशैं-दीपावली कार्यक्रम से जुड़े हुए नहीं हैं, अतः वह अपने आप को इस कार्यक्रम से अलग रखता है।

 इसके अलावा अन्य कई गोरखा उप जातीय समितियों ने भी आमंत्रण पत्र पर बिना अनुमति के नाम छापे जाने पर गहरा एतराज जताया है। देहरादून गोरखा सर्व उपजातिय समिति के अध्यक्ष कमल कुमार राई ने भी इस पूरे प्रकरण पर गहरी चिंता जताते हुए अनुमति ना लिए जाने को गलत बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी आयोजन से पूर्व जिनके नाम आमंत्रण पत्र पर अंकित किए जाने हैं, उन समितियों से चर्चा करना बेहद जरूरी था। वह सर्व उप जातीय समिति के अध्यक्ष के बतौर इस बात को गंभीरता से ले रहे हैं एवं जल्द ही इस मुद्दे को लेकर सभी उपजातियां समिति अपना कड़ा एतराज उक्त आयोजन समिति संस्था को जताएंगे।

वीर गोर्खा कल्याण समिति का वीर गोरखा मीडिया से कोई संबंध नही
वीर गोरखा मीडिया समूह इस बात को आधिकारिक रूप से सबके सामने रखता है कि दशैं एवं दीपावली कार्यक्रम आयोजित करने वाले वीर गोर्खा कल्याण समिति का आपस में किसी भी प्रकार का संबंध नहीं है। हालांकि गोरखा समाज के कल्याण के लिए कार्य करने वाले प्रत्येक संस्था एवं समितियों को वीर गोरखा मीडिया समूह पूर्णतया समर्थन देता है। इसलिए नाम के एक समान होने पर लोग भ्रम की स्थिति में ना रहे।
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