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GJM और GMCC प्रतिनिधिमंडल ने की गृहमंत्री से मुलाकात, त्रिपक्षीय वार्ता के लिए पहल की कोशिशें



वीर गोरखा न्यूज़ पोर्टल
नई दिल्ली : राजधानी के अकबर रोड की स्थिति गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेताओं और गोरखालैंड़ मूवमेंट कॉर्डिनेशन कमेटी (जीएमसीसी) ने आज दार्जिलिंग पार्वत्य क्षेत्र में लगातार बिगड़ रहे हालात पर विचार-विमर्श किया। इस बैठक में कई मुद्दों पर बिंदुवार चर्चा किए जाने की जानकारी है। जिसमें मोर्चा और जीएमसीसी के नेताओं ने गृहमंत्री के साथ बैठक में गोरखालैंड को लेकर जल्द से जल्द त्रिपक्षीय वार्ता के लिए जोर दिया। पूर्व में भी 13 अगस्त को गृहमंत्री के साथ पहाड़ के नेता बैठक कर चुके है। पहाड़ के नेताओं ने राजनाथ सिंह के साथ हुए बैठक में यह निवेदन किया कि अब गोरखालैंड समस्या के निवारण के लिए केंद्र सरकार द्वारा त्रिपक्षीय वार्ता के लिए पहल की शुरुआत की जाए। गृहमंत्री को प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि हम लगातार 87 दिनों से पहाड़ में गोरखालैंड के लिए आंदोलन कर रहे हैं लेकिन राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जनता की भावनाओं को समझने की जगह उल्टा उन पर दमनकारी नीति अपनाकर गोरखालैंड आंदोलनकारियों एवं समर्थकों के ऊपर जानबूझकर झूठे-झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है, धरपकड़ की जा रही है। इसके अलावा कहीं आंदोलनकारियों के घरों में तोड़फोड़, बेवजह गिरफ्तारियां इत्यादि की भी घटना तेजी से राज्य सरकार के इशारे पर की जा रही है।

राजनाथ ने दिया बम विस्फोट की NIA जांच का आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल ने पहाड़ में हुए विभिन्न बम विस्फोट घटना की जांच एनआईए द्वारा कराए जाने की बात कही गौरतलब है कि अब तक 11 लोग गोरखालैंड आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं। पहाड़ में दमन एवं अत्याचार चरम पर है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र को पहाड़ की यथास्थिति जानने के लिए जांच कराने के लिए पहल करनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल की बातें सुनने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बम विस्फोट और अन्य घटना की एनआईए द्वारा जांच कराए जाने की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया।

दार्जिलिंग में आज हुए लाठीचार्ज-फायरिंग का भी किया जिक्र

आज भी दार्जिलिंग में जनता के ऊपर शांतिपूर्ण रैली करने के बावजूद लाठीचार्ज एवं आंसू गैस का प्रहार किया गया। टोली ने आगे कहा कि पहाड़ में जनता की आवाज को सही इंसाफ देने की जरूरत है। पहाड़ की जनता अब भी कई समस्याओं से जूझ रही है, इसलिए केंद्र सरकार को गोरखालैंड समस्या के निदान के लिए जल्द से जल्द त्रिपक्षीय वार्ता बुलाने के लिए पहल करनी चाहिए।

राजनाथ बोले, त्रिपक्षीय वार्ता के किए करेंगे CM ममता से बातचीत

राजनाथ बोले कि त्रिपक्षीय वार्ता के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले राजी हो तो बेहतर है, क्योंकि त्रिपक्षीय वार्ता बुलाने का कार्य राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। उन्होंने साथ ही कहा कि त्रिपक्षीय मुद्दे पर मैं स्वयं ममता बनर्जी के साथ बातचीत करूंगा। पहाड़ की राजनीतिक पार्टी द्वारा गृहमंत्री के सामने रखे गए मांग पर राजनाथ ने ध्यानपूर्वक एवं गंभीरता के साथ बैठक में उपस्थित सदस्यों से समस्त जानकारी ली।

87 दिनों से जारी बंद पर कोई बातचीत नहीं !

दार्जिलिंग में चल रहे सियासी दिनों से बंद को लेकर किसी प्रकार की बातचीत का ब्यौरा नहीं मिल पाया है। आज शाम 5:15 बजे शुरू होगा यह बैठक करीब आधा घंटा तक चली। बैठक में मोर्चा की तरफ से महासचिव रोशन गिरी, केंद्रीय सदस्य स्वराज थापा, कालिम्पोंग की विधायक सरिता राई, कर्सियांग के विधायक रोहित शर्मा , डुवार्स के प्रतिनिधि अशोक लामा शामिल हुए। वही गोरखालैंड मूवमेंट कोआर्डिनेशन कमेटी की तरफ से क्रामाकपा नेता अरुण घटानी, गोरानिमो प्रमुख दावा पाखरिन एवं अखिल भारतीय गोर्खा लीग के प्रतिनिधि विप्लव राई शामिल रहे।


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