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उत्तरकन्या में आयोजित दूसरे चरण की वार्ता भी रही बेनतीजा, अब 16 अक्टूबर को तीसरे चरण की वार्ता



वीर गोरखा न्यूज़ पोर्टल
सिलीगुड़ी : बीते 90 दिनों से पहाड़ में जारी अनिश्चितकालीन बंद के बीच आज राज्य सरकार द्वारा बुलाया गए गोरखालैंड समस्या के ऊपर की जाने वाली दूसरे चरण की वार्ता भी बेनतीजा रही है। आज दोपहर में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के बिनॉय तामांग वाले प्रतिनिधिमंडल को बैठक में एंट्री देकर पहाड़ के राजनीतिक समीकरण बदल देने के संकेत दिए है। माना जा रहा है कि अब कोलकाता केवल बिनॉय गुट वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा से ही भविष्य में बातचीत आगे बढ़ा सकती है। आज बैठक में बिनॉय गुट के अलावा मोर्चा के कालिम्पोंग एवं दार्जिलिंग के विधायक के साथ GNLF के सदस्यगण, Hill TMC के प्रतिनिधिमंडल, अखिल भारतीय गोरखा लीग के प्रतिनिधि एवं जन आंदोलन पार्टी के डॉक्टर हर्क बहादुर क्षेत्री शामिल रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंद एवं प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन वह पहाड़ में शांति एवं सामान्य जनजीवन का वातावरण चाहती है। इसके अलावा बिनॉय तामांग ने बैठक में कुल 17 मांगों को उठाते हुए मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि 3 महीनों से जारी आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों एवं घायल हुए गोरखालैंड प्रेमियों को उचित मुआवजा दिया जाए। जिसको सुनकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जल्द से जल्द मुआवजा देने की बात कही है। इसके अलावा ममता बनर्जी ने बिनॉय तामांग द्वारा पहाड़ में हिंसा एवं बम धमाकों की जांच करने के लिए भी मुख्यमंत्री ने हामी भरी। अब गोरखालैंड मुद्दे को ही लेकर अगली बैठक 16 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी।

राज्य सरकार करेगी त्रिपक्षीय वार्ता के लिए विचार-विमर्श

ममता बनर्जी ने कहा कि इस वक्त त्रिपक्षीय वार्ता के लिए उपयुक्त समय नहीं है क्योंकि पूर्व में त्रिपक्षीय संधि द्वारा गठित GTA के चुने हुए प्रतिनिधि इससे पहले निरस्त करें उन्होंने आगे कहा की समय के साथ राज्य सरकार कानूनी सलाह मशविरा के बाद नियम अनुसार त्रिपक्षीय वार्ता के लिए माहौल बना कर जल्दी इसकी घोषणा भी करेगी साथ ही मुख्यमंत्री ने पहाड़ के छात्रों को भी राहत दी है।

बिनॉय तामंग गुट पहले के मुकाबले अधिक ताकतवर हुआ

आज की बैठक के बाद माना जा रहा है कि बिनॉय तामंग गुट पहले के मुकाबले अधिक ताकतवर हुआ है क्योंकि उसे अब सीधे कोलकाता का समर्थन हासिल है। बिनॉय ने जो मांगे मुख्यमंत्री के सामने इस बैठक के दौरान रखी, उनमें आंदोलन के दौरान लगाए गए तमाम नए एवं पुराने केस सभी गोरखालैंड प्रेमियों के ऊपर से हटाया जाए एवं नए सिरे से पहाड़ में शांति के लिए माहौल बनाया जाए शामिल रहा।

3 महीनों के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए आंदोलनकारियों की हत्या का उच्च स्तरीय जांच की मांग भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बैठक के दौरान स्वीकार कर लिया है उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस मुद्दे पर जल्द ही सलाह मशवरा करके जल्द एक जांच कमेटी गठित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।






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