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बिमल गुरुंग बोले, मौजूदा समय में गोरखा जाति पर खतरा, आगामी नगरपालिका चुनाव का फूंका बिगुल


 दार्जिलिंग : आगामी नगरपालिका चुनाव के मद्देनजर शहर के 32 वार्डो का निरीक्षण करने के बाद गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) अध्यक्ष बिमल गुरुंग ने अपनी पार्टी की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में उन्होंने आज गोरखा रंगमंच भवन में विधायक, सभासद, केंद्रीय नेताओं, वार्ड प्रतिनिधियों को लेकर एक चुनावी सभा का आयोजन किया गया था। सभा में अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बिमल गुरुंग ने कहा कि वह किसी भी विषय को चुनौती के रूप में ग्रहण करते हैं। लेकिन उनका सबसे बड़ा मुद्दा अलग राज्य गोरखालैंड का है। बंगाल सरकार पहाड़ पर साम-दाम-दण्ड-भेद की नीति अपनाकर नगरपालिका चुनाव में जीत दर्ज करना चाहती है। पहाड़ बंगाल का खजाना है, जिसे राज्य सरकार खोना नहीं चाहती है। इसलिये गोरखा जाति के लोगों के बीच विभाजन की राजनीति की जा रही है। विकास बोर्ड के नाम पर लोगों को धोखे में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखालैंड की मांग केवल उनका नहीं बल्कि भविष्य के लिए है। इस कारण अलग राज्य की मांग पर सभी सभासद, नेता व विधायकों को अपनी जिम्मदारियों का पालन करना चाहिए।

मौजूदा समय में गोरखा जाति पर खतरा: गुरुंग
बिमल गुरुंग ने आगे कहा कि वर्तमान समय में गोरखा जाति पर खतरा है। जिसे ध्यान में रखकर सभी को एकजुट हो जाना चाहिए। ममता सरकार उनलोगों को शरणार्थी बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अपने हक के लिए लड़ने व करारा जवाब देने की बात कही। मर जाएंगे पर जाति के उपर कोई आंच नहीं आने देंगे।

GTA बनाने की सोच माकपा सरकार की
उन्होंने आगे कहा कि जीटीए बनाने की सोच ममता सरकार नहीं बल्कि माकपा सरकार की थी। गुरुंग ने कहा कहा कि गत दिनों दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी सकारात्मक रही है। नगरपालिका चुनाव पर कहा कि इस बार भी चारो तरफ गोजमुमो ही जीत दर्ज करेगी।

जन आंदोलन पार्टी में जान फूंकने की रणनीति में छेत्री
वहीं इस बार चुनाव में कालिम्पोंग क्षेत्र में एक बार फिर पूर्व विधायक हर्क बहादुर छेत्री अपने पॉलिटिकल दल जन आंदोलन पार्टी में जान फूंकने के लिए जोर शोर से रणनीति बनाने में लगे हुए है। इस बार उनका पूरा फोकस नवनिर्मित कालिम्पोंग जिले में मोर्चा को कड़ी टक्कर देते हुए अपना अस्तित्व शुरू करना है। 


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