Header Ads

भारतीय गोरखा परिसंघ के लखनऊ में हो रहे अधिवेशन में उठी पृथक गोरखालैंड राज्य की मांग, PHOTOS


लखनऊ : राजधानी के रायबरेली रोड स्थित साईं विहार के गेस्ट हाउस में भारतीय गोरखा परिसंघ का दो दिवसीय प्रदेश सम्मेलन शुरू हो चुकी है। इस मौके पर परिसंघ ने पृथक गोरखालैंड राज्य की मांग उठाई है। सम्मेलन में मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, असम, उत्तराखण्ड, पंजाब और यूपी से पदाधिकारी शामिल हुए। राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुनीष तमांग ने उत्तर प्रदेश में आर्थिक, सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़े गोरखा समाज को उचित सम्मान के लिए गोरखालैंड राज्य की मांग की। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रमेश सिंह क्षेत्री ने कहा कि देश के प्रति समर्पित होने के बावजूद गोरखा समाज का विकास नहीं हो पा रहा है। सम्मेलन में परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखमान मोक्तान, प्रदेश महासचिव विमल सिंह राना, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुनीष तमांग, राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र अधिकारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता जोएल राई, प्रदेश महासचिव विमल सिंह राना, वीबी थापा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अंजू प्रधान, अध्यक्षा जिला लखनऊ संगीता थापा मौजूद रही।

असम में भी गोरखा समाज की स्थिति चिंतनीय : लामा
असम के महासचिव लाकपा लामा ने बताया कि असम में भी गोरखा समाज की स्थिति चिंतनीय है। उनके अनुसार सुधौली संधि (1816) के अनुसार गोरखा समाज अपने भूभाग, संस्कृति, साहित्य और विरासत के साथ भारत वर्ष में शामिल हुए थे। दूसरी ओर असम में 1971 के NRC क़ानून के कारण गोरखा समाज का आज भी विकास नहीं हुआ है।

गोरखा समाज की संस्थाओं में परिसंघ मुख्य संस्था
राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र अधिकारी सहित सभी वक्ताओं ने भारतीय गोरखा परिसंघ को गोरखा समाज की संस्थाओं में मुख्य संस्था के रूप में स्वीकार किया। सभी ने गोरखाओं के हितों और विकास की आवाज को उठाने का संकल्प लिया।

OBC में शामिल करने और भाषीय अल्पसंख्यक सुरक्षा की मांग

इस मौके पर उप्र राज्य तथा केन्द्रीय सूची में गोरखाओं को ओबीसी में शामिल करने और भाषीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग की गई। गोरखा समाज ने उत्तर प्रदेश में खुद को ओबीसी में शामिल करने की मांग की है। परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखमान मोक्तान ने कहा कि गोरखा समाज ने देश को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में अपना हर संभव योगदान दिया है। मौजूदा समय में देश के 12 राज्यों में उन्हें ओबीसी श्रेणी में शामिल किया जा चुका है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अभी वो काफी अपेक्षित हैं।

आज अधिवेशन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रण
इस दौरान प्रदेश सचिव विमल सिंह राना ने बताया कि  भारतीय गोरखा परिसंघ का अधिवेशन में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले भी मुख्यमंत्री से गोरखा समाज को ओबीसी में शामिल करने की मांग की जा चुकी है, जिस पर उन्होंने विचार करने का आश्वासन दिया था। विमल राना ने बताया कि ओबीसी में शामिल किए जाने के अलावा उनकी मांग है कि उन्हें निकाय में कोई उच्च पद मिले। साथ ही भारतीय गोरखा चैनल की शुरुआत की जाए, जिससे हमारे समाज के लोगों को हमारे समृद्ध इतिहास और संस्कृति के बारे में ज्ञान हो सके ।








Powered by Blogger.