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जांबाज गोरखा लांस हवलदार प्रेम बहादुर रेश्मी मगर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र, पत्नी को दिया गया मेडल


वीर गोरखा न्यूज नेटवर्क 
नई दिल्ली : राष्ट्रपति भवन में बीती शाम हुए रक्षा सम्मान समारोह में सेना के तीन अफसरों और एक जवान को सर्जिकल स्ट्राइक के लिए शौर्य चक्र दिया गया। इस अवसर पर गोरखा रायफल के जांबाज लांस हवलदार प्रेम बहादुर रेश्मी मगर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। प्रतिष्ठित कीर्ति चक्र उनकी धर्मपत्नी ने राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी के हाथों से प्राप्त किया। प्रेम बहादुर रेश्मी मगर ने कश्मीर में आतंकवादियों से आमने-सामने हुए मुठभेड़ में चार आतंकियों को मार गिराया था।  जिसके बाद वह भी अपने देश की रक्षा करते हुए शहीद हो थे। कार्यक्रम के दौरान 1 कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र, 15 परम विशिष्ट सेवा मेडल और दो उत्तम युद्ध सेवा मेडल दिए गए।

शांति के समय वीरता का पदक है कीर्ति चक्र
कीर्ति चक्र भारत का शांति के समय वीरता का पदक है। यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता या प्रकट शूरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। यह मरणोपरान्त भी दिया जा सकता है। वरियता मे यह महावीर चक्र के बाद आता है।

2014 में 5 गोरखा राइफल्स के भूपाल सिंह छंतेल मगर को मिला था कीर्ति चक्र सम्मान
गोरखा मूल के नायब सूबेदार भूपाल सिंह छंतेल मगर को 2014 में कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। वे भारतीय थलसेना की रैजिमेंट 5 गोरखा राइफल्स में हैं। 31 अगस्त 2013 को कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा पर एक महत्वपूर्ण भाग की चौकीदारी करते समय नायब सूबेदार भूपाल सिंह छंतेल मगर की नजर हथियारबंद आतंकवादियों की गतिविधियों पर गई। त्वरित गति से निर्णय लेते हए भूपाल सिंह गोलीबारी के बीच उबड़-खाबड़ जमीन और पत्थरों से ओट लेते हुए आतंकवादियों के निकट पहुंच गए। इस साहसी सैनिक ने मजबूत इरादे दिखाते हए लंबे समय तक गोलीबारी की तथा एक आतंकवादी को मार गिराया और एक आतंकवादी को घायल कर दिया। जब घायल आतंकवादी एक बड़े पत्थर के पीछे छिपा हुआ था तब इस साहसी सैनिक ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आतंकवादी की ओर बढ़कर उसे मार गिराया था।

गोरखा रायफल्स के लांस हवलदार प्रेम बहादुर रेश्मी मगर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। यह मेडल उनकी पत्नी को दिया गया।


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