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कालिम्पोंग के डेलो ट्यूलिप गार्डन में असामाजिक तत्वों ने तोड़ें दर्जनों दुर्लभ फूल, पहुंचाया जमकर नुकसान


वीर गोरखा न्यूज नेटवर्क
कालिम्पोंग :
पर्यटन के लिए विश्वविख्यात दार्जिलिंग के सौन्दर्य को बिगाड़ने के लिए असामाजिक तत्वों ने हाल ही शुरू किए गए किए डेलो लॉज परिसर में दुर्लभ ट्यूलिप फूलों को जमकर नुकसान पहुंचाया है। अज्ञात असामाजिक तत्वों ने उद्यान के कई हिस्सों में पीले रंगों के इन ट्यूलिप फूलों को जड़ से उखाड़ दिए है। यह शर्मनाक घटना से गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA) का पर्यटन विभाग बेहद नाराज है। GTA ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच करने की बात कही है। गौरतलब है कि देश के कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के सर्द पहाड़ों में मिलने वाले दुर्लभ ट्यूलिप फूल के लिए अब लोगों को कश्मीर जाने की जरूरत नहीं है। जीटीए के पर्यटन विभाग एवं नई दिल्ली के हिमालयन फ्लोरिका के संयुक्त प्रयास से दार्जिलिंग व कालिम्पोंग डेलो में गत दिसंबर महीने में यह फूल लगाया गया था। पेड़ में अब फूल निकलने के बाद इसका आकर्षण अब पर्यटकों को अपनी ओर खिंचेगा।

शर्मनाक घटना से बेहद दुखी है बिमल गुरुंग
GTA चीफ बिमल गुरुंग ने इस पूरे घटना की करते हुए कहा है कि पूरे मामले से वह बेहद आहत है। उन्होंने कहा कि यह करतूत कालिम्पोंग से नफरत करने वाले लोगों का काम है। मामला प्रकाश में आने के बाद GTA सभासद कल्याण देवां भी घटनास्थल पर पहुंचें। उन्होंने भी घटना की निंदा की।

असामाजिक तत्वों का मकसद नुकसान पहुंचाना रहा : प्रधान
घटना के बारे में जानकारी देते हुए डेलो लॉज के मैनेजर ट्रेसी प्रधान ने बताया कि उन्होंने सुबह यहाँ आकर देखा कि ट्यूलिप के पौधों को कई स्थानों से बुरी तरह उखाड़कर गुच्छों के रूप में पटककर रखा गया था। उन्होंने आगे कहा कि अगर आरोपी चोरी करने के लिए आए होते तो वह अपने साथ पौधें ले जाते लेकिन उन्होंने सभी पौधें उखाड़कर वहीं फैंक दिए। इसलिए नुकसान पहुंचाना ही उनका मकसद प्रतीत हो रहा है। 

GTA प्रमुख ने सीसीटीवी कैमरे लगाने की कही थी बात
कुछ दिन पूर्व यहां उद्घाटन करने पहुंचे GTA चीफ ने बहुत जल्द यहां होने वाली पर्यटकों की भारी भीड़ में मद्देनजर डेलो के विभिन्न जगहों पर सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने की बात कही थी।
 
दार्जिलिंग व कालिम्पोंग में लगाए गए थे 40 हजार पौधे
जीटीए प्रमुख विमल गुरूंग के नेतृत्व में गत दिसंबर महीने में हालैंड से करीब 40 हजार ट्यूलिप के पौधे लाकर दार्जिलिंग के जीटीए मुख्यालय लालकोटी, सरवरी गार्डन एवं कालिम्पोंग के डेलो टूयेरिस्ट लॉज परिसर में प्रयोगात्मक रुप से लगाए गए थे। उसके बाद पहाड़ के मौसम के अनुरूप फूल फलने लगा। गत दिसंबर महीने में लॉज परिसर में लगाए गए चार रंगों के पौधे इसमें है। देश के लोग पहले कश्मीर जाकर इस फूल का आनंद लेते थे, जो अब दार्जिलिंग व कालिम्पोंग में आकर आनंद ले सकते है।

रंग लाई थी हिमालयन फ्लोरिका के मालिक नीरज छेत्री की मेहनत
हिमालयन फ्लोरिका के मालिक नीरज छेत्री ने कहा ट्यूलिप देश के कश्मीर में मिलता था। अब यहां पर इस फूल के दर्शन हो रहे है । केन्द्र व राज्य के सहयोग हेतु इस योजना को आगे बढ़ाया जाना हैं। उम्मीद की जा रही है कि पर्यटकों को पहाड़ में लाने हेतु यह ट्यूलिप फूल काफी मददगार साबित होगा। कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में मिलने वाले फूल अब पहाड़ में दिखाई दे रहे है। 





फोटो साभार : दैनिक हिमालय दर्पण 
 
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