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लगातार हो रही बारिश से इस सीजन कम होगा दार्जिलिंग के 87 चाय बागानों में प्रीमियम चाय का प्रॉडक्शन!


दार्जिलिंग : दार्जिलिंग के 87 चाय बागानों में लगातार हो रही बारिश से ऐसी चाय के प्रॉडक्शन पर बुरा असर पड़ सकता है, जिसकी बिक्री प्रीमियम पर दुनिया के ज्यादातर बाजारों में होती है। इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव्स का कहना है कि अगर बारिश अगले एक हफ्ते के भीतर नहीं रुकती है, तो फर्स्ट फ्लश चाय के प्रॉडक्शन में 15-20 फीसदी की गिरावट हो सकती है। मार्च के पहले हफ्ते में तैयार इस चाय की कीमत पहले से ही पिछले साल के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा है। शुरू में तैयार हुई इस किस्म की चाय की कीमत 2,220 रुपये प्रति किलो रही है। दार्जिलिंग टी एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन एस एस बगारिया ने ईटी को बताया, 'पिछले महीने के मध्य से जोरदार बारिश हो रही है। अच्छी ग्रोथ के लिए फर्स्ट फ्लश टी के लिए रात में बारिश और दिन में धूप जरूरी होती है। 

हालांकि, इस बार सिर्फ बारिश हो रही है और कोई धूप नहीं है, जिससे चाय की फसल पर खराब प्रभाव पड़ रहा है। दार्जिलिंग चाय के कुल 90 लाख किलोग्राम के प्रॉडक्शन में फर्स्ट फ्लश टी की हिस्सेदारी तकरीबन 27 लाख किलोग्राम है। पिछले साल भारत ने सिर्फ मार्च में 7.07 लाख करोड़ चाय का प्रॉडक्शन किया। इनमें से 5.53 करोड़ किलोग्राम का प्रॉडक्शन असम और पश्चिम बंगाल ने किया। 2016 में चाय का कुल प्रॉडक्शन 123.9 करोड़ किलोग्राम रहा। चाय उत्पादकों का कहना है कि असम और कुछ अन्य हिस्सों में भारी बारिश से देश में मार्च के दौरान चाय के कुल प्रॉडक्शन में 30 फीसदी की गिरावट हो सकती है।

दो राज्यों में चाय उत्पादन में गिरावट 15 से 30 फीसदी
इंडियन टी एसोसिएशन के चेयरमैन आजम मोनेम ने बताया कि पश्चिम बंगाल और असम राज्य के अलग-अलग इलाकों में चाय उत्पादन में गिरावट 15 से 30 फीसदी के बीच हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महीने हालात में सुधार हो सकते हैं। मोनेम ने बताया, '2016 में जब चाय बागानों में पत्तियां तोड़कर इसे तैयार करने का काम दिसंबर के मध्य तक चला था। पिछले साल नवंबर में बारिश से चाय का प्रॉडक्शन बढ़ गया। आम तौर पर नवंबर के मध्य से प्रॉडक्शन में सुस्ती आने लगती है और दिसंबर के पहले हफ्ते तक अधिकांश बागान उत्पादन बंद कर देते हैं।' असम में मार्च के मध्य तक मौसम चाय उत्पादन के लिहाज से खराब हो गया और तेज बारिश होने लगी।

फरवरी में पिछले साल के इसी पीरियड के मुकाबले जोरदार बारिश
टी रिसर्च एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक, असम के ऊपरी हिस्से में फरवरी में पिछले साल के इसी पीरियड के मुकाबले जोरदार बारिश हुई। फरवरी के तीसरे हफ्ते में मौसम बेहद सूखा रहा, जिससे पौधों में नमी का संकट पैदा हो गया। अधिकतम और न्यूनतम तापमान पिछले साल के मुकाबले थोड़ा ज्यादा रहा। फरवरी में बारिश ने असम के ऊपरी हिस्से में अच्छी फसल की उम्मीद जगा दी थी। असम के ऊपरी हिस्से में चाय की प्रीमियम क्वॉलिटी का प्रॉडक्शन होता है। 


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