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GJM सुप्रीमो बिमल गुरुंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की भेंट, उठाया गोरखालैंड राज्य का मुद्दा


वीर गोरखा न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली :
पृथक गोरखालैंड राज्य की मांग के सिलसिले में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा प्रमुख बिमल गुरुंग और दार्जिलिंग से सांसद एसएस अहलुवालिया के साथ गोजमुमो के शीर्ष दल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इस दौरान गुरुंग, अहलुवालिया एवं मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने मोदी के समक्ष पृथक गोरखालैंड राज्य के गठन के मुद्दे को उठाया। प्रधानमंत्री को ज्ञापन देते हुए बिमल गुरुंग ने उन्हें गोरखा समुदाय की मूलभूत चिंताओं से अवगत कराया। इस दौरान मोर्चा प्रमुख और सांसद के साथ गोजमुमो महासचिव रोशन गिरी एवं सह-सचिव विनय तामंग तथा मुम्बई के मशहूर व्यवसायी कृष्णा तामंग भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री ने गोजमुमो दल को अपने द्वारा पूर्व में गोरखा समुदाय को किए गए वादे ना भूलाने की बात कहते हुए निकट भविष्य में जल्द ही गोरखालैंड राज्य के गठन प्रक्रिया शुरू करने का भी आश्वासन दिया। इसके साथ ही प्रधानम्नत्री के समक्ष गोजमुमो दल ने 'चिकन नेक कॉरिडोर' के रूप में दार्जिलिंग पहाड़ और डुआर्स को भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर पृथक राज्य का दर्जा देने को आवश्यक बताया गया। दल ने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि उन्होंने 10 अप्रैल 2014 सिलगुड़ी में भारत विजय रैली के दौरान गोरखा समुदाय को संबोधित करते हुए कहा था कि 'गोरखा का सपना मेरा सपना है' की बात कही थी।

आगे दल ने कहा कि जो सपना प्रधानमंत्री ने गोरखा समुदाय को दिखाया था अब उसको पूरा करने का समय आ गया है। इस बात पर प्रधानमंत्री मोदी ने गोजमुमो दल के तर्क को गंभीरता के साथ सुनते हुए अपने द्वारा गोरखा समुदाय को किए गए सभीवचन को अतिशीघ्र पूरा करने का भरोसा दिलाया। साथ ही गोजमुमो की तरफ से पेश किए गए अन्य दो मुद्दों में गोरखा समुदाय के 11 जाति को जनजाति का दर्जा प्रदान करने एवं दार्जिलिंग पहाड़ में केंद्रीय विश्वविद्यालय निर्माण की मान भी शामिल रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोजमुमो दल को जल्द ही मांगो पर अमल करने का भरोसा दिया गया है।

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