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COVER STORY : नेपाल-चीन के बीच संयुक्त युद्ध अभ्यास की चर्चा के बीच नेपाल जाएंगे जनरल रावत


वीर गोरखा न्यूज पोर्टल
दीपक राई
 

नेपाल और चीन के बीच पहले युद्ध अभ्यास की चर्चा के बीच इंडियन आर्मी चीफ बिपिन रावत नेपाल के दौरे पर रवाना हो रहे हैं।  इसके बाद वह बांग्लादेश जाएंगे जिसे चीन से हाल में काफी रक्षा मदद मिली है। नेपाल और चीन के बीच युद्ध अभ्यास की संभावना को लेकर भारत में चिंता है। पहले इसे फरवरी, फिर मार्च में संभावित बताया जा रहा था। भारत ने तेजी दिखाते हुए नेपाल के साथ 7 से 20 मार्च के बीच अपने सैन्य अभ्यास की तारीख तय कर ली। इस बीच नेपाल में 28 देशों का युद्ध अभ्यास शांति प्रयास-2 भी शुरू हो रहा है जो 7 अप्रैल तक चलेगा।

नेपाल और चीन के बीच युद्ध अभ्यास टलने के कयास
आर्मी चीफ बिपिन रावत के दौरे के बाद अब नेपाल और चीन के बीच युद्ध अभ्यास टलने की चर्चा है। शनिवार को ही चीन के रक्षा मंत्री चांग वांकुआन की नेपाल यात्रा खत्म हुई है। वहां से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के रक्षा मंत्री ने नेपाल को मदद के तौर पर 20 करोड़ युआन देने की घोषणा की है। चीन चाहता है कि वह उसके मह्त्वाकांक्षी वन बेल्ट बन रोड प्रॉजेक्ट का भी हिस्सा बने।

नेपाली सेना की क्षमता बढ़ाने पर दिया जाएगा फोकस
जनरल रावत मंगलवार से 31 तारीख तक नेपाल में रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के बीच नेपाली सेना की क्षमता बढ़ाने औऱ सैन्य साजो सामान की बिक्री पर बातचीत होगी।

नेपाली आर्मी चीफ के अलावा PM, राष्ट्रपति से भी मिलेंगे
नेपाल का ज्यादातर सैन्य साजो सामान भारत से ही सप्लाई होता रहा है। रावत नेपाल में वहां के आर्मी चीफ जनरल राजेंद्र छेत्री के अलावा PM पुष्प कमल दहल, राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी और वहां के रक्षा मंत्री से भी मिलेंगे। राष्ट्रपति के दफ्तर की ओर से बिपिन रावत को जनरल की मानद पदवी से सम्मानित किया जाएगा। जनरल रावत 31 मार्च को बांग्लादेश रवाना हो जाएंगे। गौरतलब है कि बांग्लादेश की PM शेख हसीना 7 से 10 अप्रैल के बीच भारत में होंगी और इस दौरान रक्षा सहयोग पर सहमति पत्र पर दस्तखत होने के आसार हैं। 

29 को नेपाली सेना के जनरल की मानद रैंक से सम्मानित होंगे रावत
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत पड़ोसी हिमालयी राष्ट्र की सरकार के आमंत्रण पर नेपाल का दौरा करेंगे। नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी द्वारा नेपाल सेना के जनरल पद की मानद रैंक से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति विद्या देवी 29 मार्च को जनरल रावत को नेपाली सेना के जनरल की मानद रैंक से सम्मानित करेंगी। यह सम्मान भारत के नेपाल के साथ लंबे समय से और मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने के लिए उनके 'प्रशंसनीय सैन्य कौशल और अतुलनीय योगदान'  के लिए दिया जाएगा। भारतीय और नेपाली सेनाओं के बीच एक-दूसरे के प्रमुखों को सम्मानित करने की एक परंपरा है यह दोनों सेनाओं के बीच विशेष और नजदीकी संबंध दर्शाता है।

पोखरा स्थित भारत का सबसे बड़े पेंशन कैंप का करेंगे दौरा
जनरल रावत द्विपक्षीय सैन्य संबंधों और सहयोग के अन्य पहलुओं पर भी चर्चा करेंगे। इसके बाद रावत पोखरा भी जाएंगे। गौरतलब है कि पोखरा में भारत का सबसे बड़ा पेंशन कैंप स्थित है। रावत इसके बाद मुक्तिनाथ की यात्रा करेंगे, जहां नेपाली सेना अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में एक सैन्य प्रशिक्षण शिविर चलाती है।

5/11 गोरखा राईफल्स के कमीशन ऑफिसर है रावत
बिपिन रावत ने भारतीय सेना दिसंबर 1978 में ज्वॉइन की थी। 1978 में इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून से ग्रेजुएशन किया इस दौरान उन्होंने वहां स्वोर्ड ऑफ ऑनर हासिल किया। इसके बाद वे गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन में कमीशन हुए। गोरखा बटालियन से सेना प्रमुख बनने वाले लगातार दुसरे अफसर हैं। भूतपूर्व सेना प्रमुख दलबीर सिहं सुहाग भी गोरखा राइफल्स से हैं। जनरल बिपिन रावत के पिता भी सेना में लेफ्टिनेंट जनरल थे। जनरल रावत की पढ़ाई-लिखाई शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल में हुई।

वाइस चीफ नियुक्त किए जाने से पहले रावत को पुणे स्थित दक्षिणी कमान का कमांडिंग ऑफिसर बनाया गया था। मिलिट्री ऑपरेशंस डायरेक्टोरेट में वे जनरल स्टाफ ऑफिसर ग्रेड 2 रहे।  जनरल बिपिन रावत को ऊंची चोटियों की लड़ाई में महारत हासिल है। वे कश्मीर घाटी के मामलों पर अच्छी पकड़ रखते हैं। जनरल रावत को काउंटर इंसर्जेंसी का विशेषज्ञ माना जाता है। कश्मीर घाटी में राष्ट्रीय राइफल्स और इंफैंट्री डिवीजन के वे कमांडिंग ऑफिसर रह चुके हैं।

जनरल बिपिन रावत एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में चमत्कारिक रुप से बच गए थे जब वे दीमापुर स्थित सेना मुख्यालय कोर 3 के कमांडर थे। जनरल बिपिन रावत 2008 में कांगों में यूएन के शांति मिशन को कमान संभाल चुके हैं। इस दौरान उनके द्वारा किए गए काम काफी सराहनीय रहे। यूनाइटेड नेशंस के साथ काम करते हुए भी उनको दो बार फोर्स कमांडर कमेंडेशन का अवार्ड दिया गया।  जनरल बिपिन रावत ने मिलिट्री मीडिया स्ट्रेटजी स्टडीज में रिसर्च की जिसके लिए 2011 में चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी ने उनको पीएचडी की उपाधि दी।

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