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दार्जिलिंग :अलग राज्य की मांग पर बेरुखी से गोरखालैंड पर अपनी ही पार्टी से नाराज हुए स्थानीय भाजपा नेता


दार्जिलिंग : गोरखालैंड मुद्दे को लेकर स्पष्ट नीति नहीं होने पर भारतीय जनता पार्टी के ही पहाड़ के नेताओं ने सवालिया निशान लगाया है. भाजपा के दार्जिलिंग जिला अध्यक्ष मनोज देवान को इस बात का भी संदेह कि पार्टी अलग गोरखालैंड राज्य बनाने की मांग को लेकर गंभीर नहीं है. देवान ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्य सूची में गोरखालैंड का कोइ उल्लेख नहीं है. देवान ने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में गोरखाओं की मांग पर सहानुभूति के साथ विचार करने का आश्वासन दिया था. उसके बाद गोजमुमो ने भाजपा को समर्थन किया था और दार्जिलिंग लोकसभा सीट से भाजपा की जीत हुयी. श्री देवान ने गोरखालैंड बनाने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में करीब डेढ करोड़ गोरखा रहते हैं.

देश की अजादी के आंदोलन से लेकर आज तक देश की सुरक्षा लिये गोरखाओं ने अपने प्राणों की बलि दी है. उसके बाद भी गोरखाओं के साथ सौतेला व्यवहार होता है. उन्होंने कहा कि देश के अन्य समुदायों की तरह ही गोरखाओं को भी बराबार का हक और अधिकार देना होगा. देश की रक्षा करने वाले  गोरखाओं के जातीय पहचान का अभाव है. उस पर भी भारत सरकार ने विचार करना होगा.गोरखालैंड के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत सरकार देश हित में गोरखालैंड राज्य का गठन करना चाहिए. पहाड़ पर नगरपालिका चुनाव पर श्री देवान ने कहा कि भाजपा का गोजमुमो के साथ गठबंधन है. चुनाव में उम्मीदवार उतारने से पहले उनके साथ बातचीत की जायेगी.



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