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पाकिस्तान की घिनौनी चाल, सोशल मीडिया पर भारतीय गोरखा सैनिकों के मनोबल तोड़ने की नापाक कोशिश


वीर गोरखा न्यूज नेटवर्क  
दीपक राई

पाकिस्तान अब भी अपने घिनौने काम से बाज आने की जगह और घिनौना होने पर तुला हुआ है। अब उसने भारतीय सेना में काम करने वाले गोरखा सैनिकों के मनोबल को तोड़ने की भद्दी कोशिश की है। दरअसल पाकिस्तान अब सोशल मीडिया में खासकर ट्विटर में भ्रामक जानकारी देते हुए अनाप-शनाप पोस्ट को हैशटैग #GorkhaSoldiersRights के नाम से ट्रैंड कर रहा है। पाकिस्तान कोशिश कर रहा है कि भारत में सेवारत गोरखा रेजिमेंट के जवानों और अफसरों को जलील किया जाएं। अपने नापाक मंसूबों को अब वह सोशल मीडिया को बतौर हथियार इस्तेमाल करते हुए गोरखा सैनिकों के मन में शंका के बीज भरने का काम कर रहा है। पाकिस्तानी जनता का एक बड़ा वर्ग बीते दो दिनों से #GorkhaSoldiersRights नाम से गोरखा सैनिकों की पैरवी का नाटक दिखाते हुए भ्रामक जानकारी पोस्ट कर रहा है।

नेपाल-चीन के बीच युद्ध अभ्यास टलने की चर्चा से बौखलाहट
गौरतलब है कि नेपाल और चीन के बीच पहले युद्ध अभ्यास की चर्चा के बीच इंडियन आर्मी चीफ और गोरखा रेजिमेंट्स के ही अफसर बिपिन रावत नेपाल के दौरे पर रवाना हो रहे हैं। आर्मी चीफ बिपिन रावत के दौरे के बाद अब नेपाल और चीन के बीच युद्ध अभ्यास टलने की चर्चा है। शनिवार को ही चीन के रक्षा मंत्री चांग वांकुआन की नेपाल यात्रा खत्म हुई है।


पाक को 4 युद्ध में हराने में गोरखा सैनिकों का अद्वितीय योगदान
पाकिस्तान की बौखलाहट की वजह पार्टिशन के बाद से अब तक भारत के साथ हुए चार युद्ध है. जिसमें गोरखा सैनिकों ने अपने पराक्रम के साथ पाकिस्तान को नेस्तानाबूद करने में अपनी महती भूमिका निभाई। शायद यहीं वजह कि पाकिस्तान अब भी औसत कद के दुनिया के सबसे फौलादी आर्मी रेजीमेंट से अपना गुस्सा निकाल रहा है।

पाक युवा ट्विटर में जता रहे है गोरखाओं से हमदर्दी का ढोंग
याहया मीर ओराकजाई नाम का एक पाकिस्तानी युवा अपने ट्विटर हैंडल में लिखता है कि भारतीय नेपाली गोरखा सैनिकों के साथ गलत व्यवहार किया जाता है। उनकों सामान सुविधा ना देने के लिए याहया ने भारतीय सेना के बारे में भी बुरा-भला लिखा है। वहीं पाकिस्तानी युवती इरम अहमद खान तो गोरखा सैनिकों पर जातीय भेदभाव होने का आरोप लगा रही है।


पाक में दूसरे नंबर तक ट्रैंड हुआ #GorkhaSoldiersRights
भारत की बढ़ती ताकत से बौखलाहट में आए पाकिस्तानी ट्विटर हैंडलर भारत के खिलाफ गोरखा समाज और नेपाली लोगों को भड़काने के लिए पूरे दिन #GorkhaSoldiersRights हैशटेग के नाम से ट्वीट करता रहा। हैरानी की बात है कि इस झूठे और फरेबी टट्रैंड को पाकिस्तानी जनता ने एके समय दिन के टॉप ट्रेंड में नंबर दो तक पहुंचा दिया। 

भारतीय सेना में मिलता है बराबरी का हक
गोरखा सैनिक भारतीय सेना में भर्ती होने से इसलिए भी पीछे नहीं हटते क्योंकि यहां पूरी दुनिया में बस यही एकमात्र सेना में उन्हें बराबरी का हक मिलता है। बहुत काम लोगों को पता होगा कि गोरखा मूल के ही कई सैन्य अधिकारी भारतीय सेना में बड़े पदों तक पहुंचे है। मौजूदा समय में भी सैकड़ों की संख्या में गोरखा मूल के अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल या उससे ऊंची रैंक पर अपनी सेवाएं भारतीय सेना को दे रहे है।

अपने मशहूर योद्धाओं के लिए विख्यात है गोरखा पल्टन
आज भी पूरी दुनिया में अपने मशहूर योद्धाओं के लिए विख्यात है। भारत के सेनाध्यक्ष रहे सैम मानेकशॉ ने कहा था, “यदि कोई व्यक्ति कहता है कि उसे मरने से डर नहीं लगता तो वह या तो झूठा है या गोरखा। विश्व की सबसे बहादुर पल्टन मे से एक गोरखा पल्टन जिसका लोहा उसके दुश्मन भी मानते है। गोरखा पल्टन भारतीय सेना से 1815 मे जुड़ी थी। तब से लेके अब तक गोरखा ने अपनी बहादूरी से बहुत युद्ध जीते है जैसे- 1947-48 में उरी सेक्टर, 1962 मे लद्दाख, 1965 और 1971 मे जम्मू और कश्मीर. श्रीलंका भेजी गयी शांति फोर्स में गोरखा पलटन भी थी।

भारतीय सेना में 27 हजार गोरखा सैनिक
पिछले 200 सालों से गोरखा वीर भारत में सेवारत रहे हैं जो कि हमारे लिए गर्व की बात है । अभी भारतीय सेना की गोरखा राइफल्स में करीब 40,000 से अधिक गोरखा सैनिक सेवारत हैं। कुल मिलाकर गोरखा राइफल्स में नेपाल से आए हुए गोरखाओं की भागीदारी 70 फीसदी है। शेष 30 फीसदी में देहरादून, दार्जिलिंग और धर्मशाला व अन्य जगहों से स्थानीय भारतीय गोर्खे शामिल हैं। गोरखा सैनिकों ने भारतीय सेना में असाधारण  वीरता और कर्तव्य निष्ठा के साथ सेवा करते हुए अत्यधिक नाम कमाया है।

करीब एक लाख रिटायर्ड और असम राइफल्स में मिलाकर गोरखा
इसके अतिरिक्त रिटायर्ड गोरखा जवानों और असम राइफल्स में गोरखाओं की संख्या करीब एक लाख है। भारतीय सेना और नेपाली गोरखाओं के बीच का रिश्ता अटूट है। गोरखा सैनिकों ने भारतीय सेना की महान सेवा की है। इनकी भर्ती के लिए आज भी नेपाल में हर साल भारतीय सेना की तरफ से भर्ती कैंप आयोजित किए जाते हैं।

पोखरा में पेंशन संबंधी मसलों का स्थायी निवारण केंद्र
सेना का एक पेंशन अधिकारी जो कर्नल रैंक का होता है, वह स्थायी रूप से पोखरा में रहकर रिटायर्ड गोरखा सैनिकों के पेंशन संबंधी मसलों को देखता-हल करता है। भारतीय सेना की सेवा से रिटायर हो गए सैनिकों और उनकी विधवाओं के लिए हर साल लगभग 1250 करोड़ रुपए पेंशन के रूप में भेजे जाते हैं। अपने पूर्व सैनिकों के लिए भारत सरकार नेपाल के प्रमुख शहरों में निरंतर हेल्थ कैम्प भी आयोजित करती है। लगभग 1,26,000 पूर्व सैनिक और उनके आश्रित नेपाल में पेंशन ले रहे हैं।

तीन देशों को सेवा दे रही है ये गोरखा पलटन
गोर्खाली लोग अपने साहस और हिम्मत के लिए विख्यात हैं और वे नेपाली आर्मी और भारतीय आर्मी के गोरखा रेजिमेन्ट और ब्रिटिश आर्मी के गोरखा ब्रिगेड के लिए भी खूब जाने जाते हैं। ब्रिटिश सेना में उनकी तादाद 3,500 है।

गोरखा पलटन के लिए ऑफ़िसर्स को गोरखा भाषा सीखनी ज़रूरी
गोरखा पलटन के लिए ऑफ़िसर्स को गोरखा भाषा सीखनी पड़ती है। ब्रिटिश या भारतीय ऑफ़िसर्स के लिए एक अनिवार्य शर्त है। ताकि वह अपनी सेना की सैनिकों से उनकी ही भाषा में बात कर सकें।

2 विश्व युद्ध में साढ़े 4 लाख सैनिक लड़ें, 52 हजार से अधिक शहीद
अंग्रेजों के लिए गोरखाओं ने दोनों विश्व युद्धों में अपने अदम्य साहस और युद्ध कौशल का परिचय दिया। पहले विश्व युद्ध में दो लाख गोरखा सैनिकों ने हिस्सा लिया था। इनमें से करीब 20 हजार ने रणभूमि में अपने प्राण गंवाए। दूसरे विश्वयुद्ध में तो लगभग ढाई लाख गोरखा जवान सीरिया, उत्तर अफ्रीका, इटली और ग्रीस के अलावा बर्मा के घने जंगलों में भी लड़ने गए थे। उस जंग में 32 हजार से अधिक गोरखा  ने वीरगति प्राप्त की थी।  

भारत में 7 रेजिमेन्ट, 42 अलग-अलग बटालियन्स
गोरखा सैनिकों की भारत में 7 रेजिमेन्ट और 42 अलग-अलग बटालियन्स हैं। गोरखा पल्टन ने अदम्य शौर्य दिखाते हुए अब तक 11 वीर चक्र, 2 महावीर चक्र, 3 अशोक चक्र और 1 परमवीर चक्र हासिल किए हैं। गोरखा रेजिमेन्ट ने भारतीय सेना को एक फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ और दो चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ (COAS) में वर्तमान सेना प्रमुख बिपिन रावत और भूतपूर्व दलबीर सिंह सुहाग शामिल है।

List of Gorkha Generals in Indian Army

    Lt. General Shakti Gurung, Retd., Military Secretary, Dehradun
    Lt.General RS Pradhan, AVSM,SM,VSM , Para Regiment, Retd, Dehradun
    Major General GS Rawat, 5th Gorkha Rifles, Retd, Nainital
    Major General OS Bhandari, Param Vishist Seva Medal, Dharamshala.1
    Major General MS Karki, Engineers, Dehradun, retd
    Major General Basant Singh, AVSM, YSM, 1/1 Gorkha Rifles, Retd 31 Jan 2004, Dehradun
    Major General NS Rana, Vishist Sena Medal, Sappers, retd. Dharamshala
    Major General PCS Khati, Serving 1 GR, Vir Chakra
    Major General Umesh Kumar Gurung , YSM Infantry / Headquarters  I.G  Assam Rifles (SOUTH)
    Major General SK Thapa, GOC, Panther Corps, Dehradun
   Major General Gopal Gurung, 5th Gorkha Rifles (Frontier Force) Headquarters 11th Sector Rashtriya Rifles

Footnotes 1. [ Approved for promotion as Lt General but died in an air crash]
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