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शर्मनाक : धनी भारतीय महिलाओं की खूबसूरती के लिए हो रही है गरीब नेपाली औरतों की चमड़़ी की तस्करी


काठमांडू : गरीब नेपाली औरतों को ठगने के एक बहुत ही अनूठे और शर्मनाक तरीके का खुलासा हुआ है। उन्हें अपनी चमड़ी बेचने के लिए फुसलाया जाता है। इस चमड़ी को बाद में लिंग वर्धन एवं वक्ष वर्धन के आप्रेशनों में प्रयुक्त किया जाता है। एक भारतीय वैबसाइट ‘यूथ की आवाज’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नेपाली महिलाएं मात्र 150 डालर (10 हजार रुपए के लिए) अपनी 20 वर्ग इंच (130 वर्ग सैंटीमीटर) चमड़ी ग्लोबल सर्जरी मार्किट को बेच रही हैं। नेपाल के महिला, बाल एवं समाज कल्याण मंत्री कुमार खड़का ने थामसन रायटर्ज फाऊंडेशन को बताया कि सरकार इस खुलासे के बाद बहुत सकते में है। खड़का ने कहा कि हम इस मामले में जांच करेंगे और यदि यह रिपोर्ट सही पाई गई तो सरकार इस जघन्य अपराध को रोकने के लिए प्रयास करेगी और जिम्मेदार व्यक्तियों को दंडित भी किया जाएगा।’’

मीडिया में ऐसी बहुत-सी रिपोर्टें आई हैं कि इस गरीब पर्वतीय देश की महिलाओं को मानव तस्करों द्वारा पड़ोसी देश भारत में मजदूरी और यौन शोषण के लिए तथा यहां तक कि गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए भी लाया जाता है। लेकिन चमड़ी के ऊतकों के लिए मानव तस्करी की बात पहली बार सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नेपाली महिलाओं को पहले तो मुम्बई जैसे शहरों के वेश्यालयों के लिए मानव तस्करी द्वारा लाया जाता है और बाद में उन्हें अपनी चमड़ी बेचने के लिए पटाया जाता है।  कुछ पीड़ित महिलाओं ने तो यहां तक बताया कि उन्हें कोई नशीली दवाई देकर उनकी चमड़ी चुराई गई। इस तरह चुराई गई चमड़ी को कथित रूप में भारत की पैथालोजी प्रयोगशालाओं को बेचा जाता है जो इसका प्रसंस्करण करती हैं और फिर इसे अमरीका की कम्पनियों को निर्यात किया जाता है।

अमरीकी कम्पनियां ग्लोबल प्लास्टिक सर्जरी मार्किट के लिए इस चमड़ी में से कई अन्य उत्पाद तैयार करती हैं। महिला अधिकार कार्यकत्र्ताओं ने सरकार से मांग की है कि वह इस रिपोर्ट पर शीघ्रातिशीघ्र जांच करवाए और नेपाल के गरीब व पिछड़े इलाकों में सार्वजनिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए। एक महिला एनजीओ ‘शक्ति समूह’ से संबद्ध सुनीता धनवाड़ ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे को गम्भीरता से लेना चाहिए और नेपाली औरतों की रक्षा करनी चाहिए। केवल जुबानी जमा-खर्च करने से कुछ भी होने वाला नहीं क्योंकि अनपढ़ महिलाएं लगातार मानव तस्करों के चंगुल में फंसती रहेंगी।    

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