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पिथौरागढ़ में 14 दिवसीय भारत-नेपाल सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास 'सूर्य किरण 11' का समापन


पिथौरागढ़ : भारत और नेपाल सेना का 14 दिवसीय युद्धाभ्यास का समापन हो गया है। समापन अवसर पर दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने युद्धाभ्यास को सफल बताया। दोनों देशों के अधिकारियों ने एक दूसरे को स्मृति चिन्ह की अदला-बदली कर एक दूसरे को बधाई दी। सैन्य क्षेत्र में सूर्या कमांड के अधीन पंचशूल ब्रिगेड के तत्वावधान में सात मार्च से चले भारत नेपाल की सेना के संयुक्त अभ्यास सूर्य किरण 11 का सोमवार को समापन हो गया है। युद्धाभ्यास के दौरान आतंक विरोधी अभियान के प्रशिक्षण के अलावा रक्षा सहयोग को बढ़ावा और सैन्य संबंधों को अधिक मजबूती मिली । 

दोनों देशों के सैनिकों ने आपदा प्रबंधन के तहत आपदा से निपटने की कार्य शैली का भी आदान प्रदान किया। युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेनाओं द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले हथियारों व उपकरणों की जानकारी, संस्थागत ढाचे की जानकारी, आतंकवाद विरोधी अभियानों के सिद्धांत ,टैक्सिस एरिया डोमीनेशन पेट्रोल की कार्यशैली कार्डन व सर्च अभियान , सर्च व विध्वंस तथा आपदा प्रबंधन के मूल सिद्धांत का अभ्यास किया। समापन अवसर पर दोनों देशों के अधिकारियों ने संयुक्त अभ्यास को सफल बताया। इस अभ्यास से एक दूसरे की सोच को समझने व बढ़ावा देने वाला बताया।

 दोनों देशों के अधिकारियों ने कहा कि युद्धाभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं के आपसी कार्य संचालन का विकास हुआ है। भारत और नेपाल के संबंधों को मजबूती मिली है। सैनिक युद्धाभ्यास में भारतीय सेना की तरफ से पंजाब रेजीमेंट की एकता शक्ति बटालियन तथा नेपाली सेना की दुर्गा बक्श बटालियन ने हिस्सा लिया।

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