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कंबोडिया को हराकर भारत ने 12 साल का गतिरोध तोड़ा, गोरखा फुटबॉलर छेत्री ने भी दागा गोल


नोमपेन्ह : भारत ने विदेशी जमीन पर पिछले 12 साल में कोई अंतरराष्ट्रीय मैत्री फुटबॉल मैच नहीं जीत पाने का गतिरोध बुधवार को तोड़ते हुए कंबोडिया को 3-2 से हरा दिया। भारत और कंबोडिया के बीच इस अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच में दोनों टीमें आधे समय तक 1-1 से बराबर थी। भारत के लिये गोरखा फुटबॉलर सुनील छेत्री ने 35वें, जेजे लालपेखलुआ ने 49वें और संदेश ङ्क्षझगन ने 52वें मिनट में गोल किये। कंबोडिया के लिए लेबोरेवी ने 36वें और चान वातानाका ने 62वें मिनट में गोल किये। भारतीय टीम ने विदेशी जमीन पर अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच जून 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ जीता था जब उसने मौजूदा टीम के मैनेजर षणमुगम वेंकेटश के नेतृत्व में पाकिस्तान को 1-0 से हराया था। वेंकटेश फिर भारत के लिये भाग्यशाली रहे और भारतीय टीम ने यह रोमांचक मुकाबला जीत लिया।

कोच स्टीफन कोंस्टेनटाइन ने मैच की पूर्वसंध्या पर जीत का भरोसा जताया था और उनके खिलाडिय़ों ने इस भरोसे को कायम रखा। भारतीय टीम सितंबर 2016 में प्यूर्तो रिको को 4-1 से हराने के बाद अपना पहला मैच खेल रही थी। इस जीत से भारतीय टीम का म्यांमार के खिलाफ 28 मार्च को होने वाले एएफसी एशिया कप क्वालीफायर के लिए मनोबल मजबूत हो गया है। कोंस्टेनटाइन ने मैच के बाद कहा कि हर बार जब आप राष्ट्रीय टीम के लिये खेलते हैं जो आप जीतना चाहते हैं। परिणाम मायने रखता है और विजय क्रम बरकरार रखना अच्छा लगता है। जून 2005 के बाद विदेशी जमीन पर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच जीतना वाकई एक सुखद अहसास है। खिलाड़यिों को इस लय को आगे भी बरकरार रखना होगा।

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