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कालिम्पोंग आज बनेगा नया जिला, CM ममता आज दोपहर को करेंगी उदघाटन, PHOTOS


कालिम्पोंग/दार्जिलिंग : पहाड़ में विभिन्न जनजातियों के लिए कई विकास बोर्ड बनाये जाने के बाद अब आदिवासी समुदाय ने भी अपनी जाति व संस्कृति के विकास के लिए अलग से बोर्ड बनाने की मांग मुख्यमंत्री से की है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को चार दिवसीय पहाड़ दौरे पर कालिम्पोंग पहुंच चुकी हैं. सोमवार की दोपहर उनका विमान बागडोगरा हवाई अड्डे पर लैंड किया. बागडोगरा से सुश्री बनर्जी अपने काफिले के साथ कालिम्पोंग के लिए रवाना हो गयीं. मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए पहाड़ की तामंग, लेप्चा, गुरूंग आदि कई जाति व जनजाति विकास बोर्ड के सदस्य बागडोगरा हवाई अड्डे पर आये थे.  मुख्यमंत्री के स्वागत में बागडोगरा हवाई अड्डे से लेकर बिहार मोड तक लोग कतारबद्ध होकर खड़े थे. गाड़ी से हाथ हिलाकर सुश्री बनर्जी ने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया. मुख्यमंत्री के स्वागत में राज्य के पर्यटनमंत्री गौतम देव, राणा सरकार, रंजनशील शर्मा सहित कई अन्य स्थानीय तृणमूल नेता भी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री के काफिले के साथ गौतम देव व कई अन्य तृणमूल नेता कालिम्पोंग के लिये रवाना हो गये हैं.

पहाड़ पर अब तक 13 विकास बोर्ड का गठन
2011 में राज्य की बागडोर संभालते ही राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गोरखा क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) का गठन कर इसकी कमान गोरखा जनमुक्ति मोरचा प्रमुख विमल गुरुंग को सौंप दी थी. इसके बाद भी अलग गोरखालैंड राज्य की मांग शांत नहीं हुई. इसको लेकर गोजमुमो आज भी आंदोलन के पथ पर है. पहाड़ में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए मुख्यमंत्री पहाड़ की प्रत्येक जाति व जनजाति के लिए अलग-अलग विकास बोर्ड का गठन करती जा रही है. वर्तमान में पहाड़ पर कुल 13 विकास बोर्ड का गठन हो चुका है. अब जीटीए प्रशासनिक क्षेत्र के आदिवासियों ने भी विकास बोर्ड की मांग की है.

GTA क्षेत्र के आदिवसियों ने अलग से विकास बोर्ड की मांग की
सोमवार को बागडोगरा हवाई अड्डे पर पोस्टर व बैनर दिखा कर आदिवासियों ने मुख्यमंत्री से यह मांग की. यहां बता दें कि आदिवासी विकास परिषद की मांग पर राज्य सरकार ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है, लेकिन यह टास्क फोर्स तराई व डुआर्स के आदिवासियों के हित में कार्य करती है. इसी वजह से जीटीए क्षेत्र के आदिवसियों ने अलग से विकास बोर्ड की मांग की है. आदिवासी विकास संगठन के नेता गुलशन चिकबराइक ने बताया कि मुख्यमंत्री प्रत्येक जाति की संस्कृति विकास के लिए अलग-अलग विकास बोर्ड बना रही हैं. पिछले कुछ वर्षों में विकास बोर्ड के जरिये कई जातियों ने काफी तरक्की भी की है. फलस्वरूप अपनी जाति व संस्कृति विकास के लिए हम लोगों ने भी विकास बोर्ड की मांग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से की है. मांग को लेकर संगठन इसी दौरे में उनसे मुलाकात करने की कोशिश में है. 





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