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संवैधानिक मान्यता को लेकर अखिल भारतीय नेपाली भाषिक अल्पसंख्यक समिति की पहल शुरू

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जलपाईगुडी। भारतीय नेपाली समुदाय को आर्थिक अल्पसंख्यक के तौर पर संवैधानिक मान्यता देने को लेकर अखिल भारतीय नेपाली आर्थिक अल्पसंख्यक समिति द्वारा पहल शुरू की गयी है। अखिल भारतीय नेपाली आर्थिक अल्पसंख्यक समिति द्वारा इस मुद्दे को संगठित रूप से सरकार के समक्ष उठाने एवं भाषिक अल्पसंख्यक के हक एवं सहूलियत प्राप्त करने को लेकर जिला कमेटी का गठन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। डुआर्स के अलीपुरद्वार जिला की जिला कमेटी गठन के बाद कल देर शाम को अखिल भारतीय नेपाली भाषिक अल्पसंख्यक समिति की जलपाईगुडी जिला कमेटी के गठन को लेकर सभा आयोजित की गयी।

सभा की अध्यक्षता भारतीय गोर्खा परिसंघ के अध्यक्ष सुखमन मोक्तान ने की। सभा में मुख्य अतिथि नेपाली आर्थिक अल्पसंख्यक समिति की प्रक्रिया कमेटी के अध्यक्ष एवं जिला कमेटी के संरक्षक दिलीप तिवारी, मुख्य सचिव डॉ जीवन राणा सलाहकार गोपाल सह विश्व एवं मुख्य अतिथि के रूप में युवराज काफ्ले मौजूद थे। समिति के मुख्य सचिव डॉ जीवन राणा ने नेपाली आर्थिक अल्पसंख्यक समिति के लक्ष्य एवं उद्देश्य को सामने रखते हुए नेपाली भाषी को नेपाली आर्थिक अल्पसंख्यक का संवैधानिक दर्जा दिलाने, शिक्षा एवं संस्कृति के लिए विकास करने पर जोर दिया। उन्होंने अल्पसंख्यक के जरिये मिलने वाली सहूलियतों के बारे में भी जानकारी दी। वहीं समिति के अध्यक्ष दिलीप तिवारी ने भाषिक अल्पसंख्यक के जरिये संपूर्ण समुदाय का सर्वांगीण विकास होने की बात कही। उन्होंने सभी को आर्थिक रूप में एकबद्ध होने की बात कही।

मुख्य अतिथि युवराज काफ्ले ने कहा कि नेपाली भाषा को संवैधैनिक मान्यता मिली है। अब भाषिक अल्पसंख्यक के रूप में सहूलियत को संगठित रूप में लेने का समय आ गया है। गोपाल सिंह विश्व ने नेपाली भाषा की व्यवहारिकता के बारे में बोलने हुए आर्थिक अल्पसंख्यक के दर्जा मिलने से समुदाय का भला होने की बात कही। सुखमन मोक्तान ने बताया कि संविधान में आर्थिक एवं धार्मिक अल्पसंख्क का उल्लेख है। राज्य सरकार द्वारा छह भाषा-भाषी को अल्पसंख्य का दर्जा दिया गया है जिसमें नेपाली भाषा भी शामिल है। नेपाली भाषा को सर्वभारतीय स्तर पर अल्पसंख्यक का दर्जा दिलाने को लेकर यह कमेटी को विशेष पहल करनी होगी।

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