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दार्जिलिंग-सिक्किम एकीकरण: गोरखा राष्ट्रीय कांग्रेस ने मनाया स्थापना दिवस


दार्जिलिंग : अलग गोरखालैंड राज्य होने में देरी हो सकती है, छठी अनुसूची नहीं होने, लेकिन ऐतिहासिक दस्तावेज के आधार पर दार्जिलिंग-सिक्किम का विलय हो सकता है। इसी आधार पर एकीकरण का राग अलापकर गोरखा राष्ट्रीय कांग्रेस ने बीते शनिवार को अपना स्थापना दिवस पालन किया। शहर के चौक बाजार स्थित गीतागें डॉडा में आयोजित जनसभा के बीच एकीकरण मुद्दे पर लोगों से जन समर्थन मांगा। वक्ताओं ने गोरखालैंड राज्य बनने में अभी देरी है। छठी अनुसूची का सपना अब तक पूरा नहीं हुआ है। सिक्किम के भूभाग में दार्जिलिंग बन सकता है। 

दार्जिलिंग-सिक्किम विलय मसले पर अगर लोगों का समर्थन मिला तो गोरखा राष्ट्रीय कांग्रेस केन्द्र सरकार पर दबाव बनाएगा और फिर इस विलय में जीत हासिल करेगा। उन लोगों ने कहा कि हाल ही में एकीकरण मुद्दे पर पार्टी की ओर से पैदल यात्रा निकाली गई, जो सिक्किम तक चला। वहां पर भी सिक्किम वासियों का पूरा समर्थन मिला। लेकिन वहीं सिक्किम सरकार राजनीतिक कारणों से मौन रहे। इससे पहले भी बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसू अपने स्वेत पत्र में दार्जिलिंग को बंगाल का भूभाग न होने का दावा किया था। अब समय आ गया है कि पहाड़ के लोग जागे और इस विषय आगे आए। इस दिन सभा में वक्ता के रूप में अमर लालम, अशोक कुमार लेप्चा, भारत ढोंग उपस्थित थे।
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