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नेपाल में शादी करने पर छोड़नी होगी भारतीय नागरिकता, नियम हुए सख्त


कमल प्रसाद घिमिरे  
काठमांडू : नेपाल ने अपनी नागरिकता से जुड़े नियम को सख्त कर दिया है। अब अगर भारतीय महिला नेपाल में शादी करती है तो उसे भारतीय नागरिकता छोड़नी होगी। यही नहीं, उसे नेपाली अखबारों व पत्रिकाओं में शादी की जानकारी प्रकाशित करवानी होगी। इसके बाद ही उसे ही नेपाली नागरिकता मिलेगा।

लाखों महिलाओं पर असर
नेपाल सरकार ने कहा कि नियम इसलिए सख्त किए गए क्योंकि लाखों की संख्या में ऐसी भारतीय महिलाएं नेपाल में हैं जिन्होंने शादी करके चुपचाप दोहरी नागरिकता ले रखी है। दोनों मुल्कों के पास सही रिकार्ड न होने के कारण उन्हें इनकी जानकारी भी नहीं। इस स्थिति से निपटने के लिए ही नए नियम जारी किए गए। बहरहाल, नए नियम के अनुसार, अब भारतीय महिला को नेपाल के नागरिक से विवाह करने पर नए नागरिकता कानून-2063 के तहत नेपाल सरकार से पंजीकृत समाचार पत्र-पत्रिका में विवाह की सार्वजनिक सूचना जारी करनी होगी। साथ ही विवाहिता को भारत का मतदाता पत्र व अन्य लाइसेंसी कागजात निरस्त कराने पड़ेंगे। यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल की नागरिकता के लिए आवेदन किया जा सकेगा।

नगर पंचायत में होगा आवेदन
कपिलवस्तु के प्रमुख जिला अधिकारी विष्णु ढकाल ने बताया कि नेपाली नागरिक से विवाह करने वाले भारतीय लड़कियों को सार्वजनिक घोषणा और निरस्तीकरण के बाद नगर पंचायत व ग्राम पंचायत से प्रमाणित प्रति के साथ आवेदन करना होगा। इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय से भारतीय बेटियों को नागरिकता मिल सकेगी। इससे पहले, केवल नगर और ग्राम पंचायतों के प्रमाणित करने भर से नेपाल की नागरिकता मिल जाती थी। समाचार पत्रों के माध्यम से शादी की सूचना सार्वजनिक नहीं करनी पड़ती थी।

असमंजस में लोग
नेपाल के मधेस क्षेत्र में अधिकतर हिंदी भाषी समुदाय के लोग रहते हैं। आलम यह है कि लगभग हर चौथे घर में एक भारतीय बहू है। यहां के परिवार भारत के उत्तराखंड व नेपाल की सीमा से सटे यूपी के इलाकों में शादी करते हैं। अब इस नए नियम से लोग असमंजस में हैं। बता दें कि दोहरी नागरिकता होने पर यह दोनों देशों में सहूलियत से रह पाते थे। अब जानकारी सार्वजनिक करने से लिखित तौर पर रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा। इन्हें भारत में मिलने वाली तमाम छूट नहीं मिलेगी।

चुनाव करते हैं प्रभावित
सीमावर्ती जिलों में रह रहे दोहरी नागरिकता वाले दोनों देशों के तकरीबन 50 हजार लोग दोनों देशों में होने वाले छोटे-बड़े चुनाव को भी प्रभावित करते हैं। खुली सीमा के चलते इस कार्य में उन्हें बहुत मुश्किल भी नहीं होती है। हाल में ही संपन्न हुए नेपाल के संविधान सभा चुनाव व भारत के लोक सभा चुनाव में भी इनमें से अधिकतर ने वोट डाले।
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