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दार्जिलिंग में जन कल्याण मंच की पहली ही सभा में उठी गोरखालैंड राज्य की मांग

 
दार्जिलिंग : गोरखालैंड की मांग पूरी होने तक पहाड़ के लोग बंगाल के राजनीतिक पार्टियों का समर्थन नहीं करें। उक्त बातें बीते शनिवार को गोरखा जन कल्याण मंच द्वारा आयोजित प्रथम सभा में कही गई। स्थापना के तीन महीने बाद चौक बाजार में की गई सभा के दौरान गोरखालैंड राज्य के लिये योजना बनाने व दिल्ली जाकर आंदोलन करने की बात कही गई। पार्टी के अध्यक्ष कृष्णा क्षेत्री ने कहा कि गोरखालैंड की मांग पर सभी राजनीतिक दल पहाड़ के लोगों को केवल गुमराह कर रही है। गोजमुमो झूठ बोल रही है। केंद्र सरकार के पास गोरखालैंड के लिये कोई रोड मैप नहीं है। उनकी माने तो जब तक संविधान में अलग राज्य बनाने का प्रावधान है तब तक गोरखालैंड की मांग जीवित रहेगी। 

इस विषय पर संगठन की ओर से जनता को जागरूक किया जा रहा है। ईमानदार लोगों के प्रयास से ही गोरखालैंड संभव हो पाएगा। जन कल्याण मंच ने जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार व दार्जिलिंग जिले को गोरखालैंड के मानचित्र में रखा है। सभा के दौरान कृष्णा क्षेत्री ने बंगाल सरकार पर पर पहाड़ वासियों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। शिक्षा, एसएससी, पुलिस भर्ती समेत अन्य कार्यो में पहाड़ के युवकों की उपेक्षा की जा रही है। इसके अलावा संगठन की ओर से राज्य सरकार को तीन पत्र भेजा गया है, जिसमें पेयजल, चाय श्रमिक की समस्या व प्राकृतिक आपदाओं में क्षतिग्रस्त परिवार को पूर्नवास देने की मांग की गई है। 

उक्त मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आरटीआई के माध्यम से हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट जाने की धमकी दी गई है। गोरखा जन कल्याण मंच ने सभा के माध्यम से गोरखालैंड समर्थक राजनीतिक पार्टियों को एक मंच पर आने की अपील की है। आगामी दिनों में दिल्ली कूच करने की बात भी कही गई। इस दिन की सभा में मुख्य वक्ता के रूप में संगठन के उपाध्यक्ष मिगमा शेरपा, तोबदेन लेप्चा, केंद्रीय नेता मिलन घिमिरे, महासचिव संजय ठाकुरी समेत अन्य मौजूद थे।

- जागरण 
 
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