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यूनेस्को-रेलवे के बीच ऐतिहासिक समझौते के लिए दार्जिलिंग पहुंचे रेल मंत्री सुरेश प्रभु


दार्जिलिंग । यूनेस्को और रेलवे के बीच ऐतिहासिक समझौते के लिए रेलमंत्री सुरेश प्रभु दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग पहुंचे। उनके साथ दार्जिलिंग के सांसद और केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री एसएस अहलुवालिया भी पहुंचे। बागडोगरा एयरपोर्ट पर प्रभु और अहलुवालिया का भाजपा के दार्जिलिंग जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंघल ने स्वागत किया। दार्जिलिंग गोरखा रंगमंच भवन में रेलवे और यूनेस्को के प्रतिनिधियों के बीच फंड-इन-ट्रस्ट एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया जा रहा है। जिसका मुख्य उदे्दश्य यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का विकास और संरक्षण करना है।

इसके बाद रेलमंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधि व विशिष्ट लोगों के साथ बेहतर शासन (गुड गवर्नेंस) पर आयोजित संगोष्ठी में हिस्सा लेंगे। प्रभु 21 जनवरी को सिक्किम पहुचेंगे। वहां चिंतन भवन में वरिष्ठ नागरिकों, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अधिकारियों और पत्रकारों के साथ बेहतर शासन व्यवस्था (गुड गवर्नेंस) विषय पर आयोजित चर्चा में हिस्सा लेंगे। साथ ही वे सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग और राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार प्रभु के इस दौरान चीन से सटे नाथुला जाने की भी योजना है।

अहलुवालिया ने यूनेस्को और दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के बीच होने जा रहे ऐतिहासिक समझौते पर खुशी जताते हुए कहा कि समझौते के बाद दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का तेजी से विकास होगा और दार्जिलिंग में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बदेगी। रेलवे का विकास होने से यहां छोटे व मझौले कारोबार का भी तेजी से विकास होगा और लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिलेगा। अहलुवालिया ने कहा कि 100 साल पुराने दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के संरक्षण में स्थानीय लोगों की काफी अहम भूमिका रही है।

हर हाल में दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की होगी रक्षा : प्रभू
केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेभ प्रभू ने कहा कि अब हर हाल में दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की रक्षा होगी। युनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल पार्वत्य क्षेत्र की शान ट्वाय ट्रेन विश्व विख्यात है। सपनों की रानी के साथ-साथ पहाड़ के इस रानी के सौन्दर्य की रक्षा होगी। आज वे दार्जिलिंग के गोरखा रंगमंच भवन में आयोजित पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डीएचआर को और बेहतर बनाने के लिए रेलवे मंत्रालय एवं युनेस्को के फंड इन ट्रस्ट समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है। युनेस्को के साथ मिलकर वैज्ञानिक व शैक्षिक तकनीकि सहयोग से इसे आगे ले जाया जाएगा।  दार्जिलिंग पहचान देश व विदेशों में भी है। डीएचआर की लोकप्रियता को बरकरार रहेगी।

उन्होंने कहा कि रेल में पहाड़ के बेरोजगार युवाओं को नौकरी अवसर प्राप्त होगा, साथ ही इस क्षेत्र में पर्यटन उद्योग को और विस्तार किया जाएगा। कालेधन के खिलाफ अभियान जारी है। अब डिजीटलाइजेशन व ई-कामर्स के माध्यम से पहाड़ के सहकारिता समूह कारिगरों को विश्व के बाजारों में लाया जाएगा। इसके लिए जीटीए के साथ मिलकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घूम रेलवे स्टेशन में यात्रियों की सुविधाओं के लिए यात्री टिकट सुविधा केन्द्र खोला जाएगा। इसके साथ ही दार्जिलिंग से सिलीगुड़ी तक रेलवे ट्रैक बनाने की मांग उठ रही है। इसके लिए अधिकारियों से कहा गया है कि इसकी संभावना को तलाशने के काफी समय से रेलवे में निवेश न होने से उसकी संरचना में कमी हुई है। अब ऐसा नहीं होगा। इसके अलावा बहुत जल्द गंगटोक को रेलवे मार्ग से जोड़ा जाएगा। 




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