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नेपाल ने कहा, आंतरिक मुद्दों में हस्तक्षेप न करे भारत, वास्तविक मुद्दे सुलझाए


नई दिल्ली : नेपाल ने भारत से गत वर्ष के दौरान रिश्तों में आई खटास के बीच विश्वास बहाली के लिए ‘वास्तविक मुद्दों’ को सुलझाने के लिए कहा है। साथ ही संविधान से जुड़े मुद्दों समेत हिमालयी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के खिलाफ आगाह किया है। नेपाल के विदेश मंत्री प्रकाश शरन महत ने वित्त मंत्री अरुण जेटली और विदेश राज्य मंत्री वीके. सिंह के साथ बातचीत के बाद कहा, ‘हम पीछे नहीं देखना चाहते, हम आगे देखना चाहते हैं। हमारा ध्यान विश्वास बहाली पर है। नेपाल की तरफ से जो भी असल मुद्दे हैं, भारत को उन्हें हल करना चाहिए।’ महत मंगलवार को भारत की प्रमुख भू-राजनीतिक पहल ‘रायसीना सम्मेलन-द्वितीय’ में भाग लेने के बाद बुधवार को नेपाल रवाना हो गए। उन्होंने भारत से नेपाल की जरूरतों की ओर ‘संवेदनशील’ होने के लिए भी कहा।

उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने भारतीय समकक्ष को भी यह संदेश दे दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘उस घटनाक्रम से पहले कई सारी चीजें नहीं की गई लेकिन एक ऐसा भी मौका आएगा जो दोनों पक्षों के लिए परीक्षा की घड़ी साबित होगा। हम फिर से उन बातों को दोहराना नहीं चाहते। अब हमारे संबंध सामान्य हैं लेकिन कई सारी चीजें आप आगे बढ़ता देखना चाहते हो और अगर ये आगे बढ़ती हैं तो बहुत भरोसा कायम होगा।’ उन्होंने महाकाली पुल और विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं समेत नेपाल में भारत की मदद से चल रही परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया।

नेपाल के विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी नेपाली कांग्रेस मधेसियों की समस्या दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए संविधान के दूसरे संशोधन पर काम कर रहे हैं। महत ने कहा कि यह नेपाल का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि मधेसी नेपाल में हैं और नेपाली हैं। हमारी पार्टी का बड़ा आधार मधेस में है... हम उनकी वास्तविक समस्याओं को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे... हम उनके हितों की रक्षा करना चाहते हैं।


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