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थलसेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग और वायुसेना प्रमुख अरूप राहा हुए रिटायर


नई दिल्ली। थलसेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग और वायुसेना प्रमुख अरूप राहा शनिवार को अपने पदों से रिटायर हो गए। सवेरे 11 बजे साउथ ब्लॉक में थलसेना प्रमुख तो वहीं 11 बजकर 40 मिनट पर वायुसेना मुख्यालय में वायुसेना प्रमुख का विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर दोनों सेना प्रमुखों ने गार्ड आॅफ आॅनर लिया और मीडिया से बात की। नए थलसेना प्रमुख बिपिन रावत और वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ ने भी आज ही अपना कार्यभार संभाल लिया। विदाई समारोह के दौरान थलसेना प्रमुख ​दलबीर सिंह सुहाग ने मीडिया से बात की। उन्होंने अपने संदेश में साफ किया कि इंडियन आर्मी को 43 वर्षों तक सेवाएं देने के​ लिए वह खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं ढाई साल तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी थलसेना का मुखिया रहा।

शहीदों की जीवटता को किया सलाम
उन्होंने फौजियों की जीवटता को सलाम करते हुए कहा कि हमारे सैनिक हर विषम परिस्थिति से बेखौफ होकर देश की सेवा के लिए हमेशा मुस्तैद रहते है। बात चाहे दुनिया के ऊंचे रणक्षेत्र सियाचिन ग्लैशियर की हो, बर्फीले पहाड़ोंं की हो, तपते रेगि​स्तान की हो, बॉर्डर्स की हो, घने जंगलों की हो या फिर आतंकवाद के खिलाफ जम्मू—कश्मीर और नॉर्थईस्ट की हो, हमारे सैनिक हर जगह हमेशा सतर्क रहते हैं।

सरकार के सहयोग के लिए कहा शु​क्रिया
जनरल सुहाग ने अपनी विदाई स्पीच में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को तहेदिल से शु​क्रिया कहा। उन्होंने कहा,'सरकार ने हमें आॅपरेशन कंडक्ट करने में पूरी छूट दी।' उन्होंने वन रैंक, वन पेंशन लागू करने के लिए भी शुक्रिया अदा किया।

...इसलिए नहीं दिया कभी टीवी इंटरव्यू
आर्मी चीफ ने देश की जनता को भी सैनिकों का सम्मान करने के लिए शुक्रिया कहा। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया का भी आभार जताया। जनरल सुहाग ने कभी टीवी इंटरव्यू नहीं देने के पीछे का कारण भी बताया। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंनें इंटरव्यू इसलिए नहीं दिया क्योंकि वह ऐक्शन को शब्दों से कहीं ज्यादा अहमियत देते हैं।

जम्मू-कश्मीर में मार गिराए इतने आतंकी
दलबीर सिंह सुहाग ने कहा कि ढाई साल के कार्यकाल में भारतीय सेना ने इस साल महज जम्मू-कश्मीर में ही कुल 141 आतंकियों को मौत के घाट उतारा। 2012 में यह आंकड़ा 67 और 2013 में 65 था। बतौर आर्मी चीफ आ​खिरी दिन सुहाग ने देश की सेवा करने वाले और इसकी सुरक्षा व अखंडता की खातिर अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को सलाम किया।

नए साल की दीं शुभकामनाएं
जनरल सुहाग ने कहा ​कि आर्मी चीफ का पद संभालने वाले दिन ही मैंने कहा था कि भारतीय आर्मी किसी ऐक्शन का रिऐक्शन कड़ा और तुरंत दिया जाएगा। इस बात को बीते ढाई साल के कार्यकाल में देश के फौजियों ने सच साबित कर दिखाया है। उन्होंने भारतीय थलसेना को दुनिया की सबसे बहादुर फौज बताया और कहा कि हमारे सैनिक किसी भी चुनौती का सामना करने और उससे निपटने में बखूबी सक्षम हैं। जनरल सुहाग ने सभी देशवासियों को नए साल की शुभकामनाएं भी दीं।

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