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5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान, उत्तराखंड में 15 फरवरी को होगा मतदान


नई दिल्ली : इलेक्शन कमीशन 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान आज कर रहा है। अगले कुछ महीनों में यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में असेंबली इलेक्शन होंगे। पांचों राज्यों में एक साथ चुनाव होंगे। गोवा में 5 फरवरी को चुनाव होंगे, पंजाब में भी 4 फरवरी को चुनाव होंगे. गोवा में नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 14 जनवरी होगी। उत्तराखंड में 15 फरवरी को चुनाव होंगे. मणिपुर में दो चरणों में चुनाव होंगे। 4 और 8 मार्च को होगी वोटिंग. सभी राज्यों में 11 नार्च तक मतगणना की जाएगी । यूपी में बोर्ड एग्जाम की तारीखें आगे बढ़ाकर सभी राज्यों में फरवरी में एक साथ वोटिंग कराई जाएगी। होम मिनिस्ट्री ने चुनावों में पैरा मिलिट्री के 85 हजार जवानों की तैनाती को मंजूरी दी है। पंजाब में चुनाव 4 फरवरी को होंगे। गोवा में नोटिफिकेशन 11 जनवरी, नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 18 जनवरी, नॉमिनेशन की स्क्रूटनी 19 जनवरी को होगी। गोवा में चुनाव 4 फरवरी को होंगे। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकर पर रोक रहेगी। चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्रियों पर प्रतिबंध होगा। कुछ जगहों पर महिलाओं के लिए अलग से पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। उम्मीदवारों को नॉमिनेशन पेपर पर फोटो लगाना होगा और उनको भारत का नागरिक होना चाहिए।

चुनाव आयोग की इस बार अनूठी पहल
डिफेंस, पैरा मिलिट्री फोर्सेस में तैनात जवान इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलट से डाल सकेंगे वोट। कैंडिडेंट्स के खर्चे की लिमिट यह की गई है। यह यूपी, पंजाब और उत्तराखंड के लिए 28 लाख रुपए और मणिपुर और गोवा के लिए 20 लाख रुपए रहेगी। 20 हजार से ज्यादा का खर्च चेक से करना होगा। कैंडिडेट्स को 20 हजार से ज्यादा का खर्च चेक से करना होगा। कैंडिडेट्स को बैंक में अकाउंट जरूरी होगा और चंदे को यहां जमा कराना होगा। 1 लाख 85 हजार पॉलिंग बूथ बनाए गए हैं। रंगीन वोटर गाइड सभी वोटर्स को दिए जाएंगे। आयोग ने इन सभी राज्यों में अवरनेस प्रोग्राम शुरू किया है। गोवा में वोट करने के बाद वोटर यह जान पाएगा कि किसे वोट गया है।गोपनीयता बनाए रखने के लिए 30 इंच ऊंची स्टील और दूसरे सामानों से बनी छोटी केबिन का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है।

सुरक्षा तैयारियों पर हुई चर्चा
मंगलवार को हुई बैठक में मतदाता सूची और राज्यों में कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई. चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक घोषणा से पहले सोमवार को आयोग ने अर्धसैनिक बलों के प्रमुखों के साथ भी बैठक की और सुरक्षा बलों की संख्या उनकी तैनाती और उनके एक जगह से दूसरी जगह जाने के कार्यक्रम की पूरी जानकारी ली, क्योंकि चुनाव के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती उनके परिवहन की पूरी कमान आयोग के ही हाथों में होती है लिहाजा हरेक जानकारी पूरी तौर पर पुख्ता कर ली गई.
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