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कालिम्पोंग जिला के लिए GTA कानून में संशोधन करेगी राज्य सरकार , तैयारी शुरू


कालिम्पोंग : राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा कालिम्पोंग को जिला बनाने की घोषणा के बाद राज्य सरकार जीटीए कानून के संशोधन के पक्ष में है। इससे पहले जीटीए कानून को लेकर मोर्चा, राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार के बीच समझौता हुआ था। अब उसी समझौते के बाद जीटीए कानून में फिर से संशोधन कर कालिम्पोंग जिला को जीटीए के अंतर्गत लाने के लिए राज्य सरकार ने काम शुरू कर दिया है। जिसके फलस्वरूप राज्य के गृह विभाग ने हाल ही में जीटीए कानून में संशोधन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा चुका है। कानून संशोधन करने हेतु पंचायत एवं अन्य संबंधित विभाग से परामर्श लेने के बाद उक्त संशोधन कानून को कानून विभाग के पास भेजा जाएगा। आखिर में इस कानून को राज्य के विधानसभा में पेश कर वहीं संशोधन का काम होगा।

मालूम हो कि 2011 साल में गठन हुए जीटीए कानून के मुताबिक दार्जिलिंग पहाड़ के तीनों महकमा एवं सिलीगुड़ी के 18 मौजे होने को इसमें शामिल किया गया था। लेकिन अब कालिम्पोंग जिला को जीटीए में शामिल करने के बाद एक जिला व दो महकमा के साथ 18 मौजे होने के कारण जीटीए कानून में संशोधन की आवश्यकता राज्य को होगी। कालिम्पोंग जिला बनने के बाद जीटीए के ढांचा में कोई फर्क न पड़े, इसके लिए राज्य सरकार ने जीटीए कानून को संशोधन करने का काम शुरू कर चुका है। वही जीटीए में रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी के अंतर्गत दार्जिलिंग जिलाधिकारी के चेयरमैन रहने के कारण अब तक दार्जिलिंग के तीनों महकमा को समान रूप से कोष प्रदान किया जाता रहा है। लेकिन अब कालिम्पोंग जिला के गठन के बाद जीटीए में ढांचागत परिवर्तन आने के कारण इसकी क्षमता को यथावत रखने हेतु कानून में संशोधन किया जा रहा है। 

इधर जीटीए कानून में संशोधन करने की बात को गोरखा जनमुक्ति मोर्चा भी सकारात्मक रूप से देख रही है। इस बारे में गोजमुमो के महासचिव रोशन गिरि ने भी कालिम्पोंग जिला को जीटीए के अंतर्गत संचालन के लिए जीटीए कानून में संशोधन करना जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग, कर्सियांग एवं कालिम्पोग के साथ जीटीए समझौते में 18 मौजे का उल्लेख है। कालिम्पोंग जिला के लिए इसका संशोधन होना आवश्यक है। कालिम्पोंग जिला गठन होने के बाद इसे जीटीए के अंतर्गत लाने के लिए अतिरिक्त कोष आवंटित करने की मांग रखी। त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव व जाप के अध्यक्ष द्वारा कालिम्पोंग जिला को जीटीए से अलग रखने के मुद्दे पर रोशन गिरि ने आगे कहा कि डॉ हर्कबहादुर क्षेत्री कालिम्पोंग एवं दार्जिलिंग के बीच विभाग की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि हमलोगों शुरू से ही जीटीए कानून में संशोधन करने की बात कर रहे है। इसके लिए राज्य सरकार को लगातार अवगत कराया जा रहा है।  इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं हुई। 

वही दूसरी ओर जाप अध्यक्ष डा हर्कबहादुर क्षेत्री ने कालिम्पोंग जिला गठन को केन्द्र करके जीटीए कानून में संशोधन होने की प्रक्रिया पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि कालिम्पोंग जिला बनने के बाद खंड में ही रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी कालिम्पोंग में ही रखने की मांग उठाई। एक जिले में जिस जिस विभाग की जरूरत है। अगर उसे लाने के लिए जीटीए कानून में बाधा उत्पन्न होती है तो उसमें संशोधन होना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि जिला गठन के लिए मोर्चा ने कुछ नहीं किया। जिस दिन जिला गठन होने की घोषणा हुई। उस दिन हमलोगों ने पटाखे फोड़कर जिला बनने का स्वागत किया।
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