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पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बोले, हम चाहते हैं देशभर के गोरखाओं का विकास


दार्जिलिंग : बंगाल भाजपा कमिटी के कार्यक्रम में गोरखालैंड शब्द का कहीं उल्लेख नही है. यह बात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कही.  स्थानीय गोरखा दुख निवारक सम्मेलन भवन के लाइब्रेरी हाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने दार्जिलिंग के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. बैठक से पहले श्री घोष ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस वक्त भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है. अभी केंद्र में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है और आगामी 40-50 सालों तक संगठन को मजबूत रखने के लिए पार्टी ने गांव से लेकर शहर तक संगठन को मजबूत करने का अभियान शुरू किया है. इसी के तहत बुधवार को मैं कालिम्पोंग पहुंचा और वहां के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की. इसी तरह आज दार्जिलिंग के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहा हूं.  गोरखालैंड के बारे में पूछे जाने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि बंगाल भाजपा कमिटी के कार्यक्रम में गोरखालैंड शब्द का कतई उल्लेख नहीं है.

दूसरी बात देश में सवा करोड़ गोरखा रहते हैं. यदि गोरखालैंड राज्य का गठन किया जाये, बाकी गोरखाओं का क्या होगा? उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि समस्त गोरखाओं के विकास के लिए काम हो. पहाड़ के गोरखाओं की समस्या के समाधान के लिए जीटीए का गठन हुआ है. केंद्र सरकार धनराशि देकर सहयोग कर रही है. इस पैसे का सदुपयोग होना चाहिए. भाजपा के राष्ट्रीय कार्यक्रम में गोरखाओं की दीर्घकालिक मांग जैसे शब्दों के उल्लेख का क्या अर्थ है? इस प्रश्न के जवाब में श्री घोष ने कहा कि यह पहाड़ की समस्या के बारे में है. जिसका समाधान करने के बदले राज्य की तृणमूल सरकार गोरखाओं के विभाजन में जुटी है. विकास बोर्ड बनाकर गोरखा समुदाय को जातियों में बांटा जा रहा है. भाजपा ऐसा नहीं चाहती है.
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