Header Ads

सिर छिपाने को छत नहीं मिली तो 80 वर्षीय बेसहारा गोरखा महिला ने मांगी इच्छामृत्यु



गाजियाबाद : सिर छिपाने को छत नहीं मिलने पर बुधवार दोपहर 80 वर्षीय बेसहारा बुजुर्ग प्रेमलता गंगनहर स्थित पुलिस चौकी पर इच्छा मृत्यु मांगने पहुंची। इस दौरान उन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म अपनाने की बात भी कही। मूलरूप से दार्जिलिंग के घुम बतातिया निवासी प्रेमलता ने बताया कि 20 वर्ष पूर्व सत्संग की टोली के साथ गाजियाबाद आई थीं। किसी कारण यहीं रह गईं और दुहाई स्थित निजी कॉलेज में वार्डन की नौकरी करने लगीं। कुछ महीने पहले दार्जिलिंग अपने गांव गई थीं। रिश्तेदार नहीं मिले तो वापस गाजियाबाद लौट आईं। 

प्रेमलता ने बताया कि दो वर्ष से एक मैस संचालक मानवता दिखाते हुए खाना दे रहा था। अब बचा जीवन किसी आश्रम में काटने के लिए गाजियाबाद के वृद्धा आश्रम, तहसील थानों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन कहीं भी सिर छिपाने को छत नहीं मिल रही है।  निराश होकर सुसाइड ही रास्ता नजर आ रहा है। बुधवार दोपहर करीब दो बजे प्रेमलता आत्महत्या करने के लिए गंगनहर पर पहुंच गईं। लोगों के समझाने पर वह पुलिस चौकी पर पहुंची। गंगनहर चौकी प्रभारी से उन्होंने कहा कि जीवन से परेशान होकर सुसाइड करना चाहती हैं। उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। चौकी प्रभारी ने उन्हें डीएम से मिलने की सलाह दी। इसके बाद महिला वहां से चली गई।

Powered by Blogger.