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सिक्किम दार्जिलिंग एकीकरण : समाप्त हुई गोराकां की 105 किलोमीटर की लंबी पदयात्रा




गंगटोक : सिक्किम दार्जिलिंग एकीकरण के पक्ष में राष्ट्रीय गोरखा काग्रेस की पैदल यात्रा सोमवार को गंगटोक पहुंच कर समाप्त हुई। करीब 50 कार्यकर्ताओं के साथ पैदाल यात्रा पिछले शनिवार को दार्जिलिंग से आरंभ हुई थी। दल ने तीस्ता, रंगपो व रानिपूल तीन अलग अलग स्थानों में ठहर कर करीब 105 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा पूरी की। सोमवार को पूर्वी सिक्किम रानीपूल से 13 किलोमीटर लंबी पद यात्रा के बाद गंगटोक पहुंचे राष्ट्रीय गोरखा काग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष अशोक कुमार लेप्चा ने बताया कि दार्जिलिंग जिले का समूचा भाग सिक्किम का हिस्सा था। 

इस हिस्से को सिक्किम में वापस विलय करने की इच्छा से पश्चिम बंगाल सरकार स्वेत पत्र तक जारी कर चुकी है। किंतु सिक्किम के लोग इस हिस्से को अपना मानने को तैयार नही हैं। हालाकि वे लोग अपने इस भूभाग के प्रति पूरी सहानुभूति एवं प्रेमभाव रखते है। इस बात की पुष्ठी पैदल यात्रा से होती है। क्योंकि सिक्किम प्रवेश के बाद हमें कहीं से भी घृणा देखने को नही मिला है। लोगों ने हमें जगह जगह हमारा अभिनंदन किया। जिसके लिए हम यहा के लोगों तथा पुलिस प्रशासन के प्रति आभारी हैं। कहीं भी हमारी पैदल यात्रा के विरुद्ध लोगों में रोष नहीं देखा गया। लेप्चा ने कहा कि एकीकरण के विषय को हम आगे ले जाऐंगे। ताकि इतिहास के किसी पन्ने से अलग हुए दार्जिलिंग सिक्किम एकीकरण को साकार करेंगे। क्योंकि दोनों स्थानों में एक ही भाषा, परंपरा एवं संस्कृति के लोगों रहते है। जिनमें कोई बैर नहीं है।

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