Header Ads

Flipkart के ऐड में गोरखा चौकीदार दिखाने पर हुई शिकायत, कंपनी को हटाना पड़ा विज्ञापन



नई दिल्ली। अक्सर हिंदी फिल्मों में आपने गोरखा समाज के लोगों को चौकीदार के रोल में देखा होगा। अब फ्लिपकार्ट ने भी अपने एक विज्ञापन एक बच्चे को गोरखा चौकीदार के रोल में दिखाया है। इतना ही नहीं फ्लिपकार्ट के इस नए ऐड में चौकीदार बने बच्चे को नेपाली टोपी पहने दिखाया है। फ्लिपकार्ट को अपने इस वीडियो ऐड को जारी करने के बाद आम लोगों की भारी आलोचना झेलनी पड़ी। इतना ही नहीं गोरखा समाज ने विज्ञापन के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी कर दी है। दरअसल फ्लिपकार्ट ने ‘Assured Flipkart नाम से एक नई ऐड सीरीज जारी की थी। जिसमें बच्चों को बड़े लोगों के रूप में दिखाया गया है। विज्ञापन में चौकीदार साहेब और मैडम को ऑनलाइन शॉपिंग ना करने की सलाह देते हैं। वहीं उनके मालिक बताते हैं कि फ्लिपकार्ट से शॉपिंग करने पर सही माल की समय से डिलिवरी होती है। ऐड में दिखाए गए बच्चों में से एक को गोरखा चौकीदार के रूप में दिखाया गया है, जिसने गौरखाओं की पारंपरिक भद्रगोले टोपी पहनी हुई है।

कंपनी को अंदाजा नहीं था कि इस विज्ञापन के जारी होने के बाद गोरखा समाज इतना गुस्सा हो उठेगा। गोरखा समाज ने फ्लिपकार्ट पर आरोप लगाया है कि कंपनी ने जातिवाद और नस्लवाद के जरिए उनके समाज की बेइज्जती की है। कंपनी के मालिक के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत में लिखा है कि क्या चौकीदार की यूनिफॉर्म में गोरखा टोपी होती है? गोरखा समाज ने फ्लिपकार्ट से अपने इन विज्ञापनों के लिए माफी मांगने की बात भी कही है। सोशल मीडिया समेत कई जगहों पर काफी विरोध झेलने के बाद हालांकि कंपनी ने अपने विज्ञापन में थोड़ा सुधार करने के बाद नए विज्ञापन जारी कर दिए हैं। कंपनी ने एडिटेड वर्जन को अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया।

Powered by Blogger.