Header Ads

शॉपिंग वेबसाइट FLIPKART ने अपने एडवरटाइजमेंट में किया भारतीय गोरखा समाज का अपमान

 
वीर गोरखा न्यूज पोर्टल
दीपक राई
भारत की लीडिंग ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट फ्लिपकार्ट द्वारा जारी किए गए नए विज्ञापन में गोरखा समाज को बड़े अमर्यादित तरीके से बतौर चौकीदार दिखाकर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। फ्लिपकार्ट के एडवरटाइजमेंट में पारंपरिक गोरखा परिवेश में एक बच्चे को चौकीदार बनते हुए दिखाया है। देश में लंबे समय से चली आ रही कुंठित सामाजिक धारणाओं से ओतप्रोत इस विज्ञापन का गोरखा समाज के आने वाले युवाओं और बच्चों पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आज भी देश में गोरखा समाज फ्लिपकार्ट के सैकंड क्लास सिटिजेन ट्रीटमेंट के घिनौने एडवरटाइजमेंट से व्याप्त  भेदभाव स्पष्ट नजर आती है। फ्लिपकार्ट को क्या देश में चौकीदार की तरह दर्शाने के लिए गोरखा समाज ही क्यों मिला, यह चिंता का विषय है।

देश के लिए मरने और मिटने वाले वीर गोरखा के वंशज आज इस तरह के भेदभाव के बाद अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। आखिर हर बार गोरखा समाज के ऊपर इस तरह के इरादतन आक्षेप से फ्लिपकार्ट क्या सन्देश देना चाहती है ? इस गंभीर मुद्दे पर देश में रह रहे तकरीबन एक करोड़ भारतीय गोरखों की चुप्पी बेहद चिंताजनक। क्या अन्य समाज इस तरह के गलत धारणा/ चरित्र चित्रण पर चुप रह सकता था ? कब विरोध का रुख अख्तियार करेंगे देश के वीर गोरखा समाज ? इस नकारत्मक एडवरटाइजमेंट को पुरजोर विरोध करना प्रत्येक भारतीय गोरखा का संवैधानिक अधिकार है। इस गलत धारणा का विरोध करने से ही शॉपिंग वेबसाइट फ्लिपकार्ट जैसी अन्य बड़ी नामी-गिरामी कंपनियां भविष्य के एडवरटाइजमेंट में भारतीय गोरखा समाज का अपमान करने से बचते नजर आएँगे।

देश के लिए सदियों से कुर्बानियां देता आया है गोरखा समाज
बहुत काम लोगों को पता है कि भारत के लिए समाज सदियों से बलिदान देते हुए आया है। स्वतंत्र की लड़ाई हो या आजाद भारत की आजादी बचाने की जंगे हो। भारतीय सेना में गोरखा रेजिमेंट सबसे विश्वनीय और जांबाज़ मानी जाती है। इसके अलावा कला, सिनेमा, साहित्य, राजनीति, प्रशासनिक, पत्रकारिता चिकित्सा और समाजसेवा के क्षेत्र में भारतीय गोरखा समाज का योगदान अभूतपूर्व रहा है। वर्तमान में गोरखा रेजिमेंट के कमीशन अफसर गैर गोरखा दलबीर सिंह सुहाग जैसे वीर भी अपने को गोरखा कहलाने में फख्र महसूस करता है। दूसरी और भारतीय सेना में गोरखा समाज के ही 11 वीर गोरखा शख्सियतें जनरल रैंक तक पहुँची है (पूरी लिस्ट देखने के लिए क्लिक करें)। देश की प्रशासनिक पुलिस सेवा में मेघालय में गोरखा समाज के ही अनिल प्रधान सूबे के पुलिस महानिदेशक रहे। दाजीलिंग में जन्मे वरिष्ठ आईएएस त्रिलोकचंद देवान आंध्रप्रदेश के मुख्य सचिव रहे। आईपीएस गिरी मणिपुर के पुलिस प्रमुख रहे। देहरादून के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) शक्ति गुरुंग भारतीय सेना में मिलिट्री सैकेट्री जैसे बड़े ओहदें में रहें। भारतीय गोरख समाज से ही सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग पिछले 22 सालों से सिक्किम की कमान संभाले हुए है। इन सभी गोरखा आदशों को धूमिल करती हुई धारणा को फ्लिपकार्ट द्वारा अपने एडवरटाइजमेंट में माफी मांगनी चाहिए एवं भविष्य में ऐसा ना करने की गारंटी मिलने चाहिए।

क्या कहते है समाज के सम्मानित लोग

फ्लिपकार्ट द्वारा बड़े राष्ट्रीय अखबारों में इस तरह के भारतीय गोरखा समाज के चित्रण से बेहद दुःख पहुंचा। फ्लिपकार्ट को फ़ौरन माफी मांगते हुए उक्त विज्ञापन को हटाने की पहल करनी चाहिए।
- ज्योति थापा, लेखिका एवं वरिष्ठ पत्रकार

इस पूरे मामले में हमारे लोगों का चुप रहना शर्मनाक है। इस मुद्दे पर गोरखा समाज को एकजुट होकर कड़ा विरोध दर्ज कराना चाहिए।
- मेजर( रिटायर्ड) बादल सुब्बा
 
 
Respected Sir / Madam,
As I am from Darjeeling and I often use FLIPKART to shop. You made many thing easily accessible, I love it and thank you personally for your great work.
But I and 2.1 million Indian Gorkha community from Darjeeling, Sikkim and all over India got outraged by your new video advetisement. It's a very serious racist profiling of us and North East Indian Gorkha people.
Why you think all Nepali speaking people have the distinct accent in speaking Hindi and you disrespect our Bhadgaule topi (cap with two khukuri) which is a very great honour in our tribe. Do not forget it is the Khukuri which is used as a symbol by the Gorkha Troops.
Being a reputed company like your's, I am sure you have intellectual people and can understand about this serious matter and how it has pained our community.
In your previous videos, you have shown lady actors to depict that they are Saloon staff? Why do you think that all North East looking people are Saloon workers? But happy to see in the video posted later, that you removed the lady workers who were shown to be looking like NE ladies.
https://youtu.be/-JpjpiC0ZpI - this link shows you have used NE looking girls as workers.
Later it was rectified and in this link, it is shown you have removed the NE looking girls. Link to that is - https://www.youtube.com/watch?v=QZ47GDgTWGg ..........Now the latest showing us Gorkha's as chowkidaar's? https://www.youtube.com/watch?v=gUl00MwN9Oc
I am sure you are aware it is because of Gorkha warriors, we have won many honours for the country. U must be aware gorkha regiment is the largest regiment in indian army. No regiments in indian army is without gorkha from cook to officer ranks.Is this not showing disrespect to all the gallant Gorkha Warriors. Let me let you know we have many Gorkha Generals, Brigadiers, Colonels, Soldiers in the Army.....not forgetting to mention that there are Gorkha Engineers, Doctors, Lawyers etc...from MLA to Cheif Minister .so what makes you think that we as Gorkha can only be depicted as Chowkidaars?

Thanking you.

Regards

Major (Retd.) Badal Subba


Powered by Blogger.