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रियो ओलिंपिक में हार के बाद बोले जीतू राई, 'मैंने देश का सिर नीचा किया, बहाना नहीं बना सकता'


रियो डी जनीरो। ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलिंपिक खेलों में बुधवार को निशानेबाज जीतू राई एक और स्पर्धा से बाहर हो गए और भारत की पदक की उम्मीदें टूट गईं। जीतू ओलिंपिक शूटिंग सेंटर में हुई 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा के क्वॉलिफिकेशन राउंड में 12वें स्थान पर रहे और फाइनल में प्रवेश नहीं कर सके। जीतू ने स्पर्धा से बाहर होने के बाद कहा, 'मैंने अपने देश का सिर नीचा कर दिया। शूटिंग सेंटर पर हवा चल रही थी, लेकिन मैं कोई बहाना नहीं बनाना चाहता।' 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा को जीतू की पसंदीदा स्पर्धा माना जा रहा था और भारतीय खेल प्रेमियों को उनसे पदक की खासी उम्मीद थी। जीतू पांच सीरीज तक अच्छा खेल रहे थे। उन्होंने शुरूआती पांच सीरीज में 92, 95, 90, 94, 95 का स्कोर कर पांचवें स्थान पर चल रहे थे। इस बीच उन्होंने नौ बार बीचो-बीच निशाना लगाया और पूरे अंक हासिल किए। लेकिन छठे सीरीज में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा और 88 का स्कोर करते हुए वह 12वें स्थान पर खिसक गए। 

गौरतलब है कि जीतू ने इससे पहले किसी भी स्तर की प्रतियोगिता में इतना कम स्कोर नहीं किया था। आखिरी सीरीज में खराब प्रदर्शन कर जीतू पीछे रखी कुर्सी पर निराशा की हालत में बैठ गए। शायद अपने प्रदर्शन पर ही हैरान थे कि आखिरी के तीन शॉट ने उन्हें कैसे फाइनल की रेस से बाहर कर दिया था। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के अध्यक्ष रणिंदर सिंह ने जीतू की हार पर हैरानी जताई है। रणिंदर ने कहा कि उन्होंने जीतू को इतना खराब प्रदर्शन करते कभी नहीं देखा, कम से कम बीते तीन वर्षों में तो नहीं ही। रणिंदर ने कहा, 'मैं बिल्कुल हैरान रह गया। मुझे समझ में नहीं आ रहा कि क्या कहूं। मैंने जीतू को इससे पहले आखिरी क्षणों में इतना खराब शॉट लगाते कभी नहीं देखा। शायद वह हवा की गति और दिशा को समझने में पूरी तरह असफल रहे। मैं समझ सकता हूं कि आपका कोई एक शॉट खराब चला जाए। लेकिन तीन-तीन शॉट? यह तो हद से खराब प्रदर्शन है।

 इससे पहले अन्य प्रतियोगिताओं में उसने शानदार प्रदर्शन किए हैं।' अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ की कार्यकारी समिति के सदस्य रणिंदर ने रियो में जीतू और अभिनव बिंद्रा का सफर खत्म होने पर दुख व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि भारत को ओलिंपिक में एकमात्र व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण दिलाने वाले बिंद्रा सोमवार को हुए 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे और पदक से चूक गए। रणिंदर ने कहा, 'बिंद्रा और राय ओलिंपिक में पदक के हमारे दो सबसे प्रबल दावेदार थे। दोनों ने ही निराश किया है। उनके हाथ से पदक को फिसलता देखना दुखद है। बिंद्रा जहां पदक के इतना नजदीक पहुंचकर चूक गए, वहीं जीतू आखिरी के तीन शॉट की वजह से मौका गंवा बैठे।'
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