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एंटी गोरखा गतिविधियों में लिप्त गैर गोरखा व्यक्ति को बनाया गोर्खाली सुधार सभा, देहरादून ने संरक्षक


वीर गोरखा न्यूज नेटवर्क 
देहरादून : 
हैरतअंगेज घटनाक्रम के तहत आज तहत गैर गोरखा व्यक्ति अनिल कुमार कक्कड़ को देश की सबसे पुरानी गोरखा समाज की संस्थाओं में से एक गढ़ी कैंट स्थित गोर्खाली सुधार सभा ने संरक्षक बनाया गया है। हैरानी की बात है कि कक्कड़ देहरादून के गोरखा समाज के बेहतरी के लिए कार्य करने वाली संस्था के खिलाफ सक्रिय गतिविधियाँ करते रहे है। यहां तक कि पूर्व गोरखा सैनिकों के बच्चों को मिलने वाली आर्थिक मदद को बंद करवाने के लिए लम्बे समय से कक्कड़ रक्षा मंत्रालय से पत्राचार करते आए है। इसके बावजूद गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष ने सारे गोरखा हितों को दरकिनार करते हुए कक्कड़ को संरक्षक का सम्मानित पद बतौर तोहफे के दे दिया। इस नियुक्ति के बाद गोरखा समाज के लोग स्तब्ध है। समाज के लोग इसे उत्तराखंड के गोरखा समाज के लिए "काला दिन" बता रहे है। समाज के लोगों का कहना है कि यकीनन आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए इस मुद्दे से आँखें मूँद लेना खतरनाक साबित होगा। 

एंटी गोरखा गतिविधियों में लिप्त रहे है अनिल कक्कड़
वीर गोरखा न्यूज पोर्टल को सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से पता चला कि अनिल कुमार कक्कड़ के द्वारा देहरादून से संचालित सरकार द्वारा वित्तीय पोषित गोरखा संस्था " भारतीय गोरखा भूतपूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन ( AIGEWA) के खिलाफ रक्षा मंत्रालय से आर्थिक मदद रोकने का आवेदन लगाया गया था। जबकि देहरादून से संचालित होने वाली AIGEWA ने बीते कई सालों से गोरखा समाज की बेहतरी के लिए शानदार कार्य किया है। 


        आर्थिक सहायता रोकने संबन्धी सरकारी पत्र-व्यवहार की कॉपी 





                                  दूसरा पत्र-व्यवहार



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