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आदिकवि भानुभक्त की 202 वीं जयंती पर दार्जीलिंग पर्वतीय क्षेत्र में कार्यक्रम


दार्जिलिंग : भानुभक्त की 202 वीं जयंती पर पर्वतीय क्षेत्र में विविध कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें याद किया गया। दार्जिलिंग में संपन्न भव्य कार्यक्रम के अलावा नगर के कालिम्पोंग, मिरिक, कर्सियांग एवं अन्य क्षेत्रों में भी कार्यक्रम आयोजित कर नेपाली भाषा के विकास में आचार्य के योगदान के साथ ही व्यक्तित्व एवं कृतित्व की चर्चा की गई। कर्सियांग प्रतिनिधि के अनुसार आदिकवि भानुभक्त आचार्य की जयंती के अवसर पर गोरखा जन पुस्तकालय कर्सियांग में समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि प्राध्यापक सुजाता रानी राई उपस्थित थी इस मौके पर बोलते हुए उन्होने कहा कि भाषा क्षेत्र में आजार्य भानुभक्त का योगदान अतुलनीय है जिसके चलते भाषा के स्तर में काफी वृद्धि हुई है।

मुख्य अतिथि ने आचार्य भानुभक्त को लोक कवि तथा नेपाली भाषा का जनक बताया। इस कार्यक्रम के प्रारंभ में गोरखा जाति विभूति उद्यान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें पीएस धमाला,सतीश क्षेत्री,रामकृपा व स्काउट्स मिशन के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर आयोजित हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रामायण पाठ,राम-भरत संवाद पर लघु नाटक का प्रस्तुतिकरण भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएन शर्मा,पूर्ण गुरूंग,निरूपम द्वारा की गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सहित्यप्रेमी व विद्यार्थी मौजूद थे।

मिरिक में भी आचार्य को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए
मिरिक के विभिन्न स्थानों पर आचार्य भानुभक्त को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। क्षेत्र के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रेक्षागृह में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वाई एन ढकाल की अध्यक्षता मे सम्पन्न कार्यक्रम में पहले विद्यार्थियों ने सामुहिक रामायण पाठ किया और कवियों ने कविता पाठ भी किया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने आचार्य भानुभक्त के जीवन पर प्रकाश डालते हुए नेपाली भाषा तथा साहित्य जगत में उनके योगदान का स्मरण किया। 

अमिर तामांग द्वारा संचालित कार्यक्रम में धन बहादुर कुलुंग स्मृति पुरुस्कार स्व. धन बहादुर कुलुंग के पुत्र तथा वरिष्ठ कवि अरुण चन्द्र कुलुंग ने नेपाली विषय मे उच्चतर माध्यमिक परीक्षा मे मिरिक क्षेत्र मे के मेधावी विद्यार्थी बसन्ती राई को नकद दस हजार रूपए तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।इस मौके पर उन्होने विद्यालय में नेपाली भाषा की शिक्षिका को भी प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में नकद दो हजार रूपए प्रदान किए। इस कार्यक्रम में डीके गिरि ,भारतीय गोर्खा परिसंघ के मिरिक क्षेत्रीय समिति अध्यक्ष बीएन शर्मा ,सचिव- एनएस गदाल आदि उपस्थित थे। आचार्य भानुभक्त जयंती के अवसर पर मिरिक थाना परिसर में पहली बार समारोह का आयोजन किया गया।

कालिम्पोंग के रामकृष्ण रंगमंच में हुआ कार्यक्रम
कालिम्पोंग सुचना एवं संस्कृतिक विभाग एवं नेपाली साहित्य अध्ययन समिति के संयुक्त आयोजन में 202वी भानु जयंती कार्यक्रम मनाया गया।  सुबह थाना डाँड़ा स्थित आचार्य भानुभक्त की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का आरम्भ हुआ तथा मुख्य कार्यक्रम यहां के रामकृष्ण रंगमंच में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान भाई चन्द्र प्रधान स्मृति पुरस्कार कवि कालू सिंह रंपहली को दिया गया वहीं पूर्ण राई स्मृति पुरस्कार धु्रव चौहान को प्रदान किया गया । कार्यक्रम में मुख्य आथिति के रूप में जीटीए सभा के उप सभापति डा लोपसाग लामा तथा विशिष्ठ अतिथि के रूप में साहित्यकार सानुमति राई, महकमा अधिकारी निर्मलय घरामी , साहित्यकार दिल सुब्बा आदि उपस्तिथ थे। 

कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष ज्ञान सुतार के सभापतित्व में दीप प्रज्वल्लित कर किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने रामायण पाठ प्रतियोगिता में भाग लेते हुए रामायण पाठ किया। कार्यक्रम में आयोजित रामायण पाठ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर ग्राम सुधार संघ की मोनिका शर्मा व ललिता सापकोटा ,दूसरे स्थान पर कुमिदिनि होम्स के भवेश पौड्याल तथा तीसरे स्थान पर जन कल्याण समिति की गायत्री दाहाल व सरिता शर्मा रहे। आदिकवि के इस जयंती समारोह में नेपाली भाषा में मेधावी रहे विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया।
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