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स्वाभिमान भारतीय नेपाली समाज द्वारा अनुसूचित जनजाति में आरक्षण की मांग


मेरठ। आरक्षण की आंधी क्या चली कि हर कोई अब आरक्षण पाना चाहता है। वहीं कुछ लोग इस आरक्षण के बहाने अपनी राजनीतिक रोटियां भी सेकना चाहते हैं। रविवार को मेरठ के कमिश्नरी पार्क में काफी संख्या में नेपालियों ने धरना दिया। इन नेपालियों में स्वाभिमान भारतीय नेपाली समाज के लोग थे।

सरकार कर रही है अनदेखा
इन नेपाली लोगों ने एक दिन का धरना दिया। नेपालियों ने मांग की है कि उनको अनुसूचित जनजाति में सम्मिलित किया जाए। नेपालियों का कहना है कि वे पिछले काफी वर्षों से हिंदुस्तान में रह रहे हैं। हिंदुस्तान की धरती और समाज की सेवा कर रहे हैं। लेकिन, उसके बाद भी उन्हें सरकार की ओर से अनदेखा किया जा रहा है।

पीएम के वादे हुए फेल
नेपाली समाज के लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री जब नेपाल की यात्रा पर गए थे तो नेपालियों से वादा किया था कि नेपाल और हिंदुस्तान में फोन के कॉल रेट सस्ते किए जाएंगे। लेकिन आज तक उस मामले में कुछ भी नहीं हुआ। उनकी मांग है कि नेपाली समाज को आरक्षण मिलना चाहिए। जिसकी वो पिछले काफी समय से मांग उठाते आ रहे हैं।

नेताजी सेंक रहे हैं राजनीति की रोटियां
इस बीच अब सपा नेता मौके का देखकर राजनीतिक रोटियां सेंकने पहुंच गए। विधानसभा का चुनाव के मद्देनजर इन नेपालियों को अपने लिए वोट बैंक के रुप में इस्तेमाल करने के लिए सपा नेता ने अपनी राजनीतिक हित साधने में लगे हैं। जिससे इन नेपालियों के आरक्षण की मांग को धीरे-धीरे हवा मिलती दिखाई दे रही है। ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में ये नेपाली समुदाय आरक्षण की मांग सरकार के लिए सिर्द बन सकता है।

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