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काबुल ब्लास्ट में मारे गए देहरादून के गणेश थापा - गोविन्द थापा का हरिद्वार में किया गया अंतिम संस्कार


 वीर गोरखा न्यूज नेटवर्क
देहरादून :
अफगानिस्तान के काबुल में बीते दिनों एक आत्मघाती हमले में मारे गए देहरादून के पुरोहितवाला के गणेश थापा एवं चंद्रबनी, सेवलाकलां के गोविन्द सिंह थापा का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान पहुंच गए। गणेश थापा का अंतिम संस्कार आज हरिद्वार में किया गया। उनकी अंतिम यात्रा सुबह शुक्रवार  8:30 बजे प्रारम्भ हुई। गौरतलब है कि गणेश की 9 साल की बिटिया है जिसे शायद अभी एहसास ही नहीं है कि उसके पापा अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। चौथी कक्षा में पढ़ने वाली सुप्रिया अपनी मां और सब लोगों को एक साथ देख कर कुछ समझने की कोशिश जरूर कर रही है, पर उसे शायद ये समझने में अभी वक़्त जरूर लगेगा कि उसके पापा की जान ऐसे लोगों ने ली है जिससे उसके पापा की कभी कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसा ही हाल गणेश के पूरे परिवार का है। मां गुमसुम है और पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है।

ऐसा ही एक दूसरा परिवार भी देहरादून से ही है जिस घर ने अपना चिराग खो दिया है। ये घर है गणेश के ही साथ इस हमले में मारे गए गोविंद सिंह थापा का जो आत्मघाती हमले के वक़्त उसी बस में मौजूद थे। गोविन्द की पत्नी का भी रो रो कर बुरा हाल है, जिसे परिवार और आसपास के लोग सिर्फ दिलासा ही दे सकते हैं क्योंकि मौत के क्रूर हाथों ने गोविन्द को उनसे हमेशा हमेशा के लिए छीन लिया है। हमले से कुछ ही मिनट पहले गोविन्द ने अपनी पत्नी को फ़ोन किया था पर अंतिम समय आने से पहले गोविन्द अपनी पत्नी से बात नहीं कर पाया। पर अपने अंतिम समय में उसने अपनी पत्नी को व्हाट्सऐप के जरिये एक मैसेज किया, "Janu i miss you'' और उसके बाद एक धमाका और सब कुछ ख़त्म। गोविन्द अपना एक आशियाना बना रहे थे देहरादून की खूबसूरत वादियों में, जिसे वो बिलकुल विदेशी अंदाज़ में तैयार करवा रहे थे और जिसका नक्शा भी उन्होंने विशेष तौर पर सऊदी अरब से बनवाया था। पर अब उनका वो सपना सपना ही रह गया। घर अभी अधूरा ही है और अब उसे तैयार करवाने वाला इस दुनिया में ही नहीं है। 









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