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एविएशन-डिफेंस में अब 100% FDI, मोदी बोले- हम दुनिया में सबसे ओपन इकोनॉमी


नई दिल्‍ली : केंद्र सरकार ने सोमवार को फॉरेन डायरेक्‍ट इन्‍वेस्‍टमेंट (FDI) के नॉर्म्‍स में बड़ेे बदलाव किए। इसके तहत डिफेंस, एविएशन और फूड में 100% एफडीआई को मंजूरी दी गई है। नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा- "भारत एफडीआई के लिहाज से दुनिया की सबसे ओपन इकोनॉमी बन गया है।" बता दें कि डिफेंस में 100% अप्रूवल रूट (सरकारी मंजूरी) से होगा, जबकि ग्रीनफील्‍ड फार्मा में ऑटोमैटिक रूट से 100% एफडीआई की परमिशन दी गई है। सरकार जल्‍द नेगेटिव एफडीआई लिस्‍ट का एलान कर सकती है।

 सरकार के इस फैसले से इन सेक्टर्स पर पड़ेगा असर
- ब्राउनफील्‍ड एयरपोर्ट्स (पहले से बने हुए एयरपोर्ट) में ऑटोमैटिक रूट से 100% एफडीआई को परमिशन।
- सिंगल ब्रांड रिटेल एफडीआई के लिए लोकल सोर्सिंग के नॉर्म्‍स में ढील दी गई।
- ऑटोमैटिक रूट से ब्राउनफील्‍ड फार्मा में 74 फीसदी तक एफडीआई को मंजूरी।
- ऑटोमैटिक रूट से ग्रीनफील्‍ड फार्मा (नई मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट) में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी।
- सरकारी मंजूरी से डिफेंस सेक्‍टर में 100 फीसदी एफडीआई को अनुमति।
- एयरलाइन्स में सरकारी मंजूरी के जरिए 49 फीसदी से ज्यादा हो सकेगा फॉरेन इन्वेस्टमेंट।
- शेड्यूल्‍ड एयरलाइन्स में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी।
- फूड सेक्टर में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी। इसमें फूड ई-कॉमर्स भी शामिल है।
- सिंगल ब्रांड रिटेल में लोकल सोर्सिंग के लिए तीन साल तक की छूट।
- ऑटोमैटिक रूट से डीटीएच सर्विसेस में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी।
- कॉमर्स मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि नेगेटिव एफडीआई लिस्ट को मिनिमम रखने की कोशिश की गई है।

फैसले के बाद क्‍या बोले मोदी
- पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई में सोमवार को हुई हाई लेवल मीटिंग में एफडीआई में बिग-बैंग रिफॉर्म को मंजूरी दी गई है।
- मोदी ने कहा कि रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए एफडीआई को खोला गया है। इससे सरकार को इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर और जॉब क्रिएशन में बड़ी कामयाबी मिलेगी।
- भारत के इतिहास में ये पहली बार है कि सरकार ने एफडीआई के नॉर्म्स में इतने बड़े बदलाव किए हैं।
- एफडीआई रिफॉर्म्‍स के बाद भारत दुनिया की सबसे ओपन इकोनॉमी बना। ऑटो रूट के जरिए ज्‍यादातर सेक्‍टर एफडीआई के लिए खुले।
- सरकार के फैसले के बाद कई इंटरनेशनल एजेंसियों ने भारत को नंबर-1 एफडीआई डेस्टिनेशन के तौर पर रे‍ट किया है।

Expert View: इकोनॉमी को होगा फायदा
- इकोनॉमिस्‍ट मोहन गुरुस्‍वामी ने बताया कि सरकार के इस कदम से देश में फॉरेन इन्‍वेस्‍टमेंट में तेजी से बढ़ोत्तरी होगी। यह इकोनॉमी के लिए भी फायदेमंद होगा। स्‍टॉक मार्केट पर भी पॉजिटिव असर होगा।
- गुरुस्‍वामी का कहना है कि एविएशन, डिफेंस जैसे सेक्‍टर्स ज्‍यादातर टेक्‍नोलॉजी बेस्‍ड हैं, इसलिए वहां बहुत ज्‍यादा नौकरियां नहीं आएंगी।
- सरकार को एफडीआई रूट आसान करने के अलावा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर भी फोकस करना चाहिए, जिससे इस फैसले का सही इम्‍पैक्‍ट हो सके।

कॉमर्स मिनिस्‍टर निर्मला सीतारमण ने क्‍या कहा
- कॉमर्स मिनिस्‍टर निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर कहा, "यह एफडीआई पॉलिसी में बड़ा रिफॉर्म है। इससे देश में जॉब के नए मौके बनेंगे।"
- सीतारमण ने कहा, "देश में एफडीआई इनफ्लो को एक क्लियर डायरेक्‍शन दिया गया है। नॉर्म्‍स को आसान बनाने से इसमें तेजी आएगी।"
- APPLE के लिए नॉर्म्‍स बदलने के एक सवाल पर सीतारमण ने कहा, "एक कंपनी के लिए नीतियां नहीं बदलती हैं। नियम सभी के लिए हैं।"
- सीतारमण ने कहा, "नए नॉर्म्‍स से इन्‍वेस्‍टर्स के लिए इंडिया में इन्‍वेस्‍टमेंट करना आसान हो जाएगा। डिफेंस में टेक्‍नोलॉजी की प्रक्रिया को आसान बनाया है।"

एक हकीकत ये भी
- मोदी ने भारत को दुनिया की सबसे ओपन इकोनॉमी करार दिया है।
- लेकिन वर्ल्ड बैंक से जुड़ी संस्था 'डूइंग बिजनेस' ने भारत की इकोनॉमी को लेकर रेटिंग दी है।
- दुनिया की 189 अर्थव्यवस्थाओं में से 2016 में भारत की ओवरऑल रैंकिंग 130 है। 2015 में ये रैंकिंग 134 थी।
- 'डूइंग बिजनेस' ने कई अन्य स्टैंडर्ड्स के बेसिस पर भी भारत को रैंकिंग दी है।
- किसी बिजनेस को शुरू करने के लिहाज से भारत 135th, कंस्ट्रक्शन की परमीशन लेने के लिए 183rd, इलेक्ट्रिसिटी की अवेलेबिलिटी के हिसाब से 70th और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिहाज से 138th पोजिशन पर है।
- इसके अलावा टैक्स पेयर्स के रूप में भारत 157th, फॉरेन से बिजनेस के मामले में पोजिशन 133rd है।

APPLE ने 100% एफडीआई के लिए किया है अप्लाई
- सिंगल ब्रांड रिटेल एफडीआई नॉर्म्‍स में ढील के बाद आईफोन व आईपैड बनाने वाली अमेरिकी कंपनी कॉमर्स मिनिस्‍ट्री में एफडीआई का प्रपोजल दिया है। एप्‍पल ने सिंगल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी एफडीआई का प्रपोजल दिया है।
- डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (डीआईपीपी) सेक्रेटरी रमेश अभिषेक ने कहा है कि एप्‍पल से इस बारे में जवाब मांगा जाएगा कि क्‍या वह नई पॉलिसी का पालन करेगी।
- नॉर्म्स में बदलाव के चलते एप्पल को फायदा भी हो सकता है।
- इससे पहले भारत में एप्पल का डिस्ट्रीब्यूशन 'रेडिंग्टन' और 'इन्ग्राम माइक्रो' के पास था। अब एप्पल खुद अपने स्टोर्स में आईफोन और सर्विस मुहैया करा सकेगी।

दो साल में एफडीआई में हुए बड़े रिफॉर्म्स
- मोदी सरकार ने पिछले दो साल में एफडीआई पॉलिसी में बड़े रिफॉर्म्स किए हैं।
- इसके तहत डिफेंस, कंस्‍ट्रक्‍शन डेवलपमेंट, इन्श्‍योरेंस, पेंशन सेक्‍टर, ब्रॉड‍कॉस्टिंग सेक्‍टर, टी, कॉफी, रबर, सिंगल ब्रांड रिटेल ट्रेडिंग, मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर, सिविल एविएशन, सैटेलाइट इस्‍टैबलाइज एंड ऑपरेशन समेत कई सेक्‍टर्स में एफडीआई में ढील दी गई।

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