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दार्जिलिंग : चुनावी नतीजों से पहले घबराई GNLF, बोली परिणाम से कोई लेना-देना नहीं


दार्जिलिंग : दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में कभी प्रमुख शक्ति रही गोरामुमो ने लगता है चुनाव परिणाम से पहले ही अपनी हार मान ली है. गोरामुमो ने विधानसभा चुनाव में दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र की तीनों सीटों में से कहीं भी अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था. हालांकि पार्टी ने दार्जिलिंग तथा कर्सियांग में तृणमूल कांग्रेस तथा कालिम्पोंग में जाप उम्मीदवार हर्क बहादुर छेत्री का समर्थन किया था. अब चुनाव परिणाम को लेकर गोरामुमो की कोई दिलचस्पी नहीं है. यह बातें स्वयं गोरामुमो नेता तथा पूर्व विधायक एनबी छेत्री ने मानी है. उन्होंने साफ-साफ कहा कि चुनाव खत्म होते ही गोरामुमो का काम भी खत्म हो गया है. किसकी जीत-हार होगी, इससे पार्टी की कोई मतलब नहीं है.

तृणमूल तथा जाप उम्मीदवार को समर्थन देने की वजह से पार्टी में उभरे विवाद को उन्होंने मानने से इंकार कर दिया. श्री छेत्री ने कहा कि तृणमूल तथा जाप के समर्थन को लेकर केन्द्रीय कमेटी की करीब तीन घंटे तक बैठक चली थी. उसके बाद ही तृणमूल और हर्क बहादुर को समर्थन देने का निर्णय लिया गया. यह पूरी तरह से पार्टी का सामूहिक निर्णय था और मतभेद जैसी कोई बात नहीं है. गोरामुमो ने अपनी ओर से तृणमूल और हर्क बहादुर का समर्थन नहीं किया. दोनों ही पार्टियों के नेता समर्थन लेने के लिए पार्टी सुप्रीमो मन घीसिंग के पास चल कर आये थे. पहाड़ पर लोकतंत्र की स्थापना के लिए गोरामुमो ने स्वयं चुनाव न लड़ इन लोगों को समर्थन देने का निर्णय लिया. पार्टी ने इन उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार भी किया. 19 तारीख को चुनाव परिणाम क्या होगा, इसकी उन्हें कोई चिंता नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी की अगली रणनीति पर चरचा करने के लिए शीघ्र ही केन्द्रीय कमेटी की बैठक होगी.
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