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दार्जिलिंग : राज्य सरकार द्वारा GTA के नाम में परिवर्तन पर GJM ने जताई आपत्ति


दार्जिलिंग : राज्य सरकार द्वारा गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA ) के नाम में परिवर्तन पर गोजमुमो ने आपत्ति जताई है। जीटीए के कई विभागों को हाल में राज्य सरकार से मिले कई पत्रों में गोरखालैंड की बजाय गोरखा शब्द का उपयोग किया गया है। जिस पर पूर्व में भी आपत्ति जताए जाने की जानकारी देते हुए जीटीए प्रमुख एवं गोजमुमो सुप्रीमो विमल गुरुंग ने अदालत की शरण लेने की चेतावनी दी है। शहर के पातलेबास स्थित पार्टी कार्यालय पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पर्वतीय क्षेत्र में गोरखाओं की एकता तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री साजिशन इस तरह के कृत्य कर रही हैं। पहले कालिम्पोंग को जिला बनाने का झूठा एलान किया, अब गोरखालैंड की जगह गोरखा शब्द का उपयोग कर अपनी सोच को परवान चढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। 

जीटीए प्रमुख ने कहा कि पहले सरकार ने समझौते के अनुरूप सभी विभाग हस्तांतरित नहीं किए। और अब गोरखालैंड से छेड़छाड़, आखिर वो जताना क्या चाह रही हैं? उन्होंने 18 जुलाई सन 2011 को हुए जीटीए गठन के समझौते की याद दिलाते हुए कहा कि केंद्र, राज्य एवं गोजमुमो के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। जिसमें स्वायत्तशासी व्यवस्था का नाम गोरखालैंड था। राष्ट्रपति ने भी समझौते का अनुमोदन किया था। मोर्चा सुप्रीमो ने कहा कि सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गोरखालैंड शब्द पर सहमति व्यक्त किया था। आज तृणमूल कांग्रेस एवं मुख्यमंत्री की साजिश के कारण ही केवल गोरखा का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जीटीए की तरफ से आधिकारिक तौर पर पत्र भेजकर आपत्ति जताई जाएगी। इसके बाद अदालत की शरण ली जाएगी।

- जागरण 

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