Header Ads

गोरखा मूल के अभिनेता है फिल्म 'लादेन डेड और एलाइव' के ओसामा बने प्रद्युमन सिंह मल्ल


देहरादून। देश में अपनी पहचान के लिए जद्दोजहद कर रहे गोरखा समाज के बारे में बहुत काम लोगों को जानकारी है कि उनके समृद्ध इतिहास और उनके बेहतरीन योगदान रहे है। सैन्य सेवाओं के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी गोरखा समाज ने महती भूमिका का निर्वहन किया है। उसी क्रम में  देहरादून के गोरखा अदाकार प्रद्युमन सिंह मल्ल का नाम आता है। ओसामा बिन लादेन के जीवन चरित्र को नए अंदाज में पेश करने वाली तेरे बिन लादेन फिल्म याद है न आपको। जी हां, ओसामा बिन लादेन का वह चरित्र बड़े पर्दे पर जिंदा करने वाले प्रद्युमन आजकल इस फिल्म के सिक्वल को लेकर सुर्खियों में हैं। प्रद्युमन ने खास बातचीत में अपने अनुभव साझा किए। देहरादून के मोहिनी रोड निवासी मर्चेंट नेवी के रिटायर्ड कैप्टन सतीश शमशेर सिंह और उनकी भाभी डा. नीता राई इन दिनों काफी खुश हैं। उनके भाई प्रद्युमन सिंह मल्ल की नई फिल्म ‘तेरे बिन लादेन : डेड और एलाइव’ बड़े पर्दे पर चमक बिखेर रही है।

प्रद्युमन ने बताया कि फिल्म में उनके किरदार का नाम पद्दी सिंह है। यह एक फार्स कॉमेडी फिल्म है। इससे पहली फिल्म एक व्यंग्य था। इस फिल्म में अमेरिका के लादेन को मारने के बाद का सीन क्रिएट करने की कोशिश की गई है। उन्होंने बताया कि इस फिल्म को दर्शकों के बीच एक सप्ताह में ही खूब वाहवाही मिल गई है। रंगमंच से लंबे समय तक जुड़े रहे प्रद्युमन का कहना है कि उनकी यह पहली फिल्में उनके साथी रंगमंच से जुड़े आर्टिस्ट अभिषेक शर्मा ने उन्हें ऑफर की थी। फिल्म के सिक्वल में उनके साथ कामेडियन मनीष पॉल भी नजर आएंगे।

उन्होंने बताया कि फिल्म में उनका किरदार पद्दी सिंह का है जो कि पंजाब का एक गायक है और मुंबई में अपना भविष्य बनाने आया है। उसकी किसी के साथ दाल नहीं गलती। इस बीच उसकी मुलाकात एक संघर्षशील फिल्म निर्देशक से होती है जो किरदार मनीष पॉल कर रहे हैं। दोनों मिलकर आइडिया आता है कि दहशत का पर्याय रहे ओसामा बिन लादेन के ऊपर फिल्म बनाई जाए। उनका यह आइडिया दोनों को ही मुंबई में स्थापित कर देता है। प्रद्युमन खुद स्क्रिप्ट राइटर भी हैं और आजकल अनिल कपूर प्रोडक्शन के लिए एक कहानी लिख रहे हैं।

ओसामा बनने के लिए खास तैयारियां कीं
प्रद्युमन ने ओसामा बिन लादेन का किरदार अदा करने के लिए खास तैयारियां की। उन्होंने ओसामा के कई वीडियो देखे, किताबें पढ़ी और वजन कम किया। पाकिस्तानी लहजा भी सीखा। तब जाकर वह इस रोल में फिट बैठ पाए। जब पहली बार वह पर्दे पर ओसामा के रूप में नजर आए तो कई लोग धोखा खा गए। प्रद्युमन आगे भी ऐसी ही फिल्में करना चाहते हैं।

नोएडा से की शुरुआत
प्रद्युमन सिंह मल्ल ने अपने शुरुआती दिनों में बतौर बिजनेस एक्सपर्ट विप्रो जैसी बड़ी कंपनी में नौकरी की। उसके बाद दिल्ली के प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा ( एनएसडी) से एक्टिंग की बारीकियां सीखी। उसके बाद अभिनय के क्षेत्र में अपने जीवन को परवान चढाने के लिए प्रद्युमन ने मुंबई का रूख किया। वहां उन्होंने एक शार्ट फिल्म का निर्माण भी किया। साल 2010 में उन्हें अभिषेक शर्मा ने अपनी फिल्म तेरे बिन लादेन के लिए अप्रोच किया। अनूठे और कुछ हटके टाइप के रोल ने प्रद्युमन को अट्रैक्ट किया और उनकी काबिलियत ने उनको इस फिल्म का मुख्य किरदार बना दिया। उसके बाद तेरे बिन लादेन में उनके शानदार अभिनय ने उनके भाग्य के दरवाजे ही खोल दिए।

माँ को भी नहीं बताया था ओसामा के रोल के बारे में
राजपूत गोरखा परिवार के प्रद्युमन को जब यह महत्वपूर्ण रोल मिला तो उन्होंने अपनी माँ से किरदार के  छुपाई। वह जानते थे कि उनकी माता राजपूत होने के नाते कभी भी इस किरदार को निभाने के लिए अपनी रजामंदी नहीं देंगे।











 - जागरण इनपुट्स
Powered by Blogger.