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नेपाली PM से मिलकर PM मोदी बोले, नेपाल की स्थिरता से जुड़ी है भारत की सुरक्षा


नई दिल्ली। हाल के महीनों में भारत-नेपाल के रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलाने की कोशिश में जुटे दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने शनिवार को साझा कांफ्रेंस कर द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने की प्रतिबद्धता जताई। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मुलाकात के बाद नेपाल के महत्व को रेखांकित करते हुए साझा बयान में पीएम मोदी ने कहा कि नेपाल की स्थिरता भारत की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है। आतंकवाद से मुकाबले के बारे में पीएम ने जोर देकर कहा, ‘हम अपनी खुली सीमाओं का इस्तेमाल आतंकियों और अपराधियों को नहीं करने देंगे। इस संदर्भ में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां व्यापक सहयोग करेंगी।’ जब विदेश सचिव एस जयशंकर से पूछा गया कि भारत की चिंताओं को देखते हुए ओली का क्या रुख रहा है। तो जयशंकर ने कहा कि यह दूरदर्शी दौरा है। इसे आपसी सहयोग से जोड़कर देखा जाना चाहिए। दोनों देशों के बीच नौ करार पर दस्तखत भी किए गए।

21 मधेसी हिरासत में
नेपाली पीएम ओली के दौरे का विरोध कर रहे 21 मधेसियों को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। ये मधेसी प्रदर्शनकारी पीएम मोदी के सरकारी आवास रेसकोर्स रोड के पास विरोध कर रहे थे।

तराई क्षेत्रों में सड़क निर्माण को लेकर बनी सहमति
दोनों देशों ने नेपाल के तराई क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाने के लिए भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत 518 किमी के तराई रोड फेज-1 प्रोजेक्ट में पैकेज-2, 3, 4, 5 और 6 में 17 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। पैकेज 1 के तहत कुल 87 किमी की सड़क का निर्माण किया जा चुका है।

मुजफ्फरपुर-ढालकेबर पावर लाइन की शुरुआत
दोनों देशों के बीच समझौते के तहत पीएम मोदी और ओली ने मुजफ्फरपुर-ढालकेबर पॉवर ट्रांसमिशन लाइन की शुरुआत की। इसके तहत शुरुआत में 80 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जाएगी। जिसे दिसंबर 2017 तक 600 मेगावाट तक किए जाने की योजना है।

रेल यातायात पर भी हुआ महत्वपूर्ण करार
रेल यातायात में सहयोग के लिए समझौता हुआ। इसके तहत भारत के सिंघाबाद से बांग्लादेश होते हुए नेपाल के व्यापारिक मार्ग का संचालन किया जाएगा। विशाखापट्टनम से रेल मार्ग द्वारा वस्तुओं की आपूर्ति नेपाल को होगी।

नेपाल के पुनर्निर्माण के लिए 17 अरब की मदद
भूकंप से तबाह हुए नेपाल के पुनर्निर्माण के लिए भारत करीब 17 अरब रुपये (250 मिलियन डॉलर) की मदद देगा। इससे संबंधित समझौते पर भी दस्तखत किए गए। इन पैसों से नेपाल के तराई इलाकों में सड़क नेटवर्क को दुरुस्त किया जाएगा।

काकरबिट्टा-बांग्लाबंद कोरिडोर के बीच गलियारा
दोनों देशों के बीच काकरबिट्टा-बांग्लाबंद गलियारे से होकर नेपाल और बांग्लादेश के बीच रास्ता देने पर भी समझौता हुआ है। इसके अलावा विशाखापट्टनम बंदरगाह के संचालन पर भी सहमति बनी है। नेपाल को भी इस बंदरगाह से गुजरने की सुविधा दी जाएगी।













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