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जनमुक्ति असुरक्षित शिक्षक संगठन के बैनर तले शिक्षकों का जीटीए कार्यालय में धरना


दार्जिलिंग : एक के बाद एक निरंतर आंदोलनों से जूझते रहे पर्वतीय क्षेत्र में अब धरनों की बयार चल रही है। जन आंदोलन पार्टी के सहयोगी संगठन पर्चा पट्टा डिमांड कमेटी द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित धरना समाप्त होते ही अब जनमुक्ति असुरक्षित शिक्षक संगठन के बैनर तले शिक्षकों ने जीटीए के मुख्य कार्यालय लाल कोठी के बाहर धरना शुरू कर दिया। माह का अंतिम शनिवार होने के कारण कार्यालय बंद होने की वजह से सायं सात बजे धरना समाप्त हो गया। धरनारत शिक्षक जीटीए के मातहत संचालित विद्यालयों में कार्यरत 115 शिक्षकों को स्थायी करने की मांग कर रहे थे। गौरतलब है कि इससे पूर्व संगठन ने कई दिनों तक जीटीए कार्यालय के बाहर निरंतर धरना दिया था। शिक्षा विभाग, जीटीए के कार्यकारी सभासद रोशन गिरी एवं सूबे के शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त किया था। जीटीए प्रमुख विमल गुरुंग ने भी संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर राज्य सरकार से 15 दिन के अंदर शिक्षकों को स्थायी करने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि सरकार ने स्थायी नहीं किया, तो जीटीए अधिनियम का उपयोग करते हुए हम अपने स्तर से स्थायी करेंगे। विमल ने संबंधित आशय का पत्र राज्यपाल को भी भेजा था।

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