Header Ads

विविध कार्यक्रमों के साथ तमांग जाति का पारंपरिक त्यौहार सोनाम लोसार का समापन


मिरिक : तमांग जाति के लोगों का पारंपरिक त्यौहार सोनाम लोसार का शनिवार को विविध कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। क्षेत्र के फूबागड़ी खेल मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही जातीय सामग्री, पुस्तक, स्मारिका और घैयाबारी चाय बागान के सुदर्शन तमांग की कलाकृतियों ने लोगों को खूब लुभाया। विलास तमांग ने लोसार पर प्रकाश डाला व संस्कृति, संस्कार आदि के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने इसके लिए सभी से एकजुट होने की अपील की। मुख्य अतिथि जीटीए सभासद अरुण सिंग्ची ने तमांग समुदाय के धर्म गुरू नर्बू लामा की प्रतिमा स्थापित कराने की घोषणा की व इसके लिए समष्टि में कहीं भी स्थान चिन्हित करने का आह्वान किया। उन्होंने नेपाली संगीत जगत के प्रतिष्ठित संगीतकार गोपाल योन्जन की प्रतिमा भी मंजू फाटक में स्थापित कराने का एलान किया व कहा कि प्रत्येक तमांग परिवार में जाति की भाषा का एक शब्दकोष रखा जाना चाहिए। इसे उपलब्ध कराने का दायित्व भी मेरा है। कार्यक्रम में उत्तर बंगाल से नेपाली भाषा में गोल्ड मेडलिस्ट कुशल तमांग एवं चित्रकार सुदर्शन को भी सम्मानित किया गया। अखिल भारतीय तमांग बौद्ध संघ की फूबागड़ी पलंगबाड़ी आयोजक समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जस योंजन प्यासी के साथ ही तमांग जाति के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अध्यक्षता चंदन लामा व संचालन पार्वती लामा एवं केसांग लामा ने किया।
Powered by Blogger.