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जेएनयू विवाद : सिमी का मुखिया था देशद्रोह के आरोपी उमर खालिद का पिता!


नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर सांस्कृतिक संध्या आयोजित करने व देशविरोधी नारे लगाने वाले चिह्नित छात्रों की तलाश में देश भर में छापेमारी की जा रही है। जांच में पुलिस को जेएनयू मामले के मास्टरमाइंड उमर खलिद के बारे में अहम जानकारी मिली है। उमर माओवादियों के छात्र संगठन (स्टूडेंट विंग) का सदस्य है। उसका पिता एसक्यूआर इलयासी प्रतिबंधित संगठन सिमी का मुखिया रहा है। इलयासी जामिया के जाकिर नगर में रहता है। जेएनयू से उमर के फरार होने के बाद पुलिस ने जाकिर नगर में भी कई बार छापेमारी की। हाल ही में उसकी लोकेशन जम्मू-कश्मीर व शिमला में मिली थी। पुलिस की एक टीम तीन दिन पहले शिमला गई थी। 

दक्षिण जिला पुलिस की टीम ने वहां कई संभावित ठिकानों पर उमर की तलाश में छापेमारी की, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। उमर के साथी अर्निबन भट्टाचार्य की तलाश में भी कई जगहों पर छापेमारी की गई। वहीं, कन्हैया ने पूछताछ में जेएनयू के एक दर्जन छात्रों के नाम बताए हैं, जो देशविरोधी हरकतों में शामिल थे। पुलिस अधिकारी का कहना है कि ऐसे कई वीडियो पुलिस के पास हैं, जिनमें कन्हैया देशविरोधी नारे लगाते हुए नजर आ रहा है। घटना के तूल पकड़ने पर उसने 11 फरवरी को जेएनयू में सभा आयोजित कर फर्जी तरीके से कुछ वीडियो बनवा लिए थे और और बाद में उन्हें प्रसारित करा दिया, इन वीडियो में वह देशविरोधी नारे नहीं लगा रहा है। उमर खालिद जैसे छात्र से उसकी गहरी दोस्ती होने से पता चलता है कि कन्हैया काफी समय से देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त है।

पुलिस के पास हैं पर्याप्त सुबूत : बस्सी
पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने गुरुवार को एक चैनल को दिए साक्षात्कार में फिर कहा कि पुलिस के पास कन्हैया व अन्य के खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, लेकिन वह अपने स्टैंड पर कायम हैं। कन्हैया ही नहीं, बल्कि कई ऐसे छात्र हैं जिनके खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं।

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