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सियाचिन : 6 दिन बाद 25 फीट मोटी बर्फ की चादर के नीचे से जिंदा निकला जवान


जम्मू : सियाचिन में 3 फरवरी को हुए भीषण हिमस्खलन में 25 फीट मोटी बर्फ की परत के नीचे दबे रहने और मौत से युद्ध करने के बाद, सोमवार को लांस नायक हनमानथप्पा कोप्पड जिंदा लौट आए हैं. सेना के शीर्ष अधिकारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उनके जिंदा मिलने की पुष्टि की है. हालांकि हनमानथप्पा गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. गौरतलब है कि इससे पहले खबर आई थी कि हिमस्खलन में फंस कर पैट्रोलिंग कर रहे सभी दस जवान शहीद हो गए हैं. सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, सियाचिन में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में तलाश किए जा रहे 10 जवानों में से लांस नाइक हनमानथप्पा को बर्फ के नीचे जिंदा पाया गया. हनमानथप्पा के अलावा बाकी सभी जवानों की मौत हो चुकी है.

अब तक पांच शव बरामद
उत्तरी सैन्य कमांडर ने बताया कि अब तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं और चार की पहचान हो चुकी है. कमांडर ने कहा कि लांस नायक हनमानथप्पा को आरआर अस्पताल ले जाने के लिए सभी प्रयास किए गए.

सोमवार को मिला था 1 जवान का शव
सियाचिन में हुए हिमस्खलन के पांच दिन बाद सोमवार को एक जवान का शव भी मिला था. गौरतलब है कि बीते हफ्ते हुए हिमस्खलन में एक जूनियर कमीशन ऑफिसर सहित 10 जवानों के बर्फ में दब जाने की खबर थी. इसके बाद से ही रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन जारी है. लेकिन खराब मौसम के चलते दिक्‍कतों का सामना करना पड़ रहा है.

हनमानथप्पा की हालत काफी गंभीर
सेना की उत्तरी कमान के कमांडर ने जानकारी दी है कि सियाचिन हिमस्खलन में लापता 10 जवानों में से कर्नाटक के लांस नायक हनमानथप्पा कोप्पड को बर्फ में से जिंदा निकाला गया है. फिलहाल हनमानथप्पा की हालत काफी गंभीर है.

कमांडर को चमत्कार होने की उम्मीद
हुड्डा ने कहा कि अभी गंभीर रूप से घायल हनमानथप्पा के साथ एक और चमत्कार होने की उम्मीद है और सभी को यही प्रार्थना करनी चाहिए. लांस नायक हनमानथप्पा कोप्पड कर्नाटक के जिला धारवाड़ के रहने वाले हैं.

20 हजार फीट की ऊंचाई पर रेस्क्यू ऑपरेशन
सेना ने शुक्रवार को शहीद जवानों के नाम जारी किए थे. सभी जवान मद्रास रेजीमेंट के थे. सेनाध्‍यक्ष जनरल दलबीर सिंह ने रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए अतिरिक्‍त संसाधनों के उपयोग का आदेश दिया था. सेना के अनुसार रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन 20 हजार फीट की ऊंचाई पर चल रहा है.


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