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गोरखा मेजर दीप प्रधान ने बनाया आर्मी के लिए GPS नेविगेशन सिस्टम एप्लीकेशन, PM नरेंद्र मोदी ने किया सम्मानित


देहरादून : दुश्मन के खिलाफ सैन्य आपरेशन में अहम जीपीएस और कॉम्पास आधारित नेविगेशन सिस्टम के लिए भारतीय सेना के एक गोरखा मेजर ने हाईटेक एंड्रायड एप्लीकेशन विकसित की है। दिशा नाम की इस एंड्रायड एप्लीकेशन को राजधानी देहरादून के हाथीबड़कलां नयागांव निवासी मेजर दीप प्रधान ने विकसित किया है। इन्फेंट्री रेजिमेंट छह गढ़वाल के मेजर प्रधान कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के माहिर हैं। उनकी विकसित की गई एप्लीकेशन के सेना में ट्रायल के दौरान अच्छे नतीजे मिले हैं। इसके बाद इस साल सेना दिवस (15 जनवरी) पर इनोवेशन आफ इंडिया के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सर्टिफिकेट आफ एक्सिलेंस से सम्मानित किया है। सेना के लिए दुश्मन पर हमला करने के लिए नेविगेशन सिस्टम बेहद महत्वपूर्ण है। अभी तक सेना कॉम्पास और जीपीएस सिस्टम को दिशा जानने के लिए इस्तेमाल करती है। दून के मेजर दीप ने जो एप्लीकेशन तैयार की है उसे बिना जीपीएस के भी इस्तेमाल किया जा सकता है। सेना ने उनकी एप्लीकेशन का फील्ड में ट्रायल किया है। 15 जनवरी आर्मी डे वाले दिन उनकी खोज के लिए नरेंद्र मोदी ने पीएम सर्टिफिकेट आफ एक्सिलेंस अवार्ड देकर सम्मानित किया था ।

दिशा दिखाने के साथ सुरक्षित भी
दीप के पिता कर्नल डीके प्रधान (रिटायर्ड) ने बताया कि दीप बचपन से ही कंप्यूटर में रुचि रखते हैं, जिसे उन्होंने सेना में जाने के बाद भी जारी रखा। स्कॉलर होम से इंटर पास करने के बाद दीप एनडीए में चयनित हुए। ट्रेनिंग के बाद उन्होंने दीप को वही रेजिमेंट छह गढ़वाल मिली, जिसमें उनके पिता सेवाएं दे चुके हैं। कर्नल प्रधान ने बताया कि दीप के दादा भी सेना से रिटायर हैं। दीप परिवार में तीसरी पीढ़ी के सैन्य अफसर हैं। मेजर दीप की माता सरस्वती प्रधान ने कहा कि उसकी मेहनत को सम्मान मिला है जो परिवार के लिए गर्व की बात है। सेना अभी पारंपरिक कॉम्पास के साथ जीपीएस सिस्टम का इस्तेमाल करती है, लेकिन जीपीएस विदेशी सेटेलाइट पर आश्रित है। ऐसे में अगर सेटेलाइट प्रणाली बंद कर दी जाए तो सेना के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है। मेजर दीप की एप्लीकेशन इसका बेहतर विकल्प है, जो जीपीएस के बिना भी सटीक लोकेशन दिखा सकती है। ऐसी एप्लीकेशन का इस्तेमाल अमेरिका का साथ कुछ विकसित देश अपने सैनिकों के लिए करते हैं। 

साभार - अमर उजाला
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