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मिरिक में पर्वतीय क्षेत्र के किसानों के लिए चार दिवसीय कृषि मेले का शुभारंभ

 मिरिक : दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के किसानों को तकनीकी रूप से दक्ष एवं कृषि में अग्रगणीय बनाने के उद्देश्य से आयोजित चार दिवसीय कृषि मेले का शुभारंभ हो गया। अतिरिक्त जिलाधिकारी पुष्पेंदु मित्र ने फीता काटकर मिरिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में नाबार्ड के सहयोग से आयोजित उक्त मेले का शुभारंभ किया। जिसमें उत्तर बंगाल कृषि विश्वविद्यालय कालिम्पोंग के कृषि वैज्ञानिकों की भी सराहनीय भूमिका है। मेले में कृषि उत्पादन संस्थान एवं मिरिक, रांगभांग, पोखरेबुंग आदि स्थानों के किसान सहभागिता कर रहे हैं। 17 जनवरी तक चलने वाले मेले में खंड कृषि विभाग, प्राणी संपदा विकास विभाग, ग्रामीण विकास संस्थान पोखरेबुंग सेलिमबुंग, रांगभांग मिल्क प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन हिले भन्ज्यांग, हिमालयन आर्किड प्रोड्यूसर इंडेवर दार्जिलिंग, चिमल क्लब नौ माइल, प्रतिभा स्वयं सहायता समूह, शुभेच्छा स्वयं सहायता समूह, नारी सिप विकास संघ आदि ने स्टॉल लगाकर अपने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। जहां से इनकी बिक्री भी की जा रही है।

ग्रामीण विकास संस्थान ने हैंडलूम में तैयार किए गए कपड़े, मिल्क प्रोड्यूसर्स की दुग्ध से बनी सामग्रियां, जैविक साग-सब्जियां आकर्षण का केंद्र रहीं। मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिलाधिकारी ने किसानों को जागरूक करने को मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश्य बताया। उन्होंने किसानों से कृषि के प्रति ध्यान देने का आह्वान किया। ग्रामिण विकास संस्थान पोखरेबुंग- सेलिमबुंग के विनोद मास्के एवं चंद्र प्रकाश प्रधान, दिमन प्रधान ने कहा कि संस्थान ने ग्रामीण क्षेत्र की अल्प शिक्षित एवं शिक्षित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य रखकर हैंडलूम का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें सरकार की योजना मददगार साबित हो रही है।

महकमे के सहायक निदेशक ने भी किया अवलोकन
कृषि मेले के पहले दिन कर्सियांग महकमे के सहायक कृषि निदेशक ने आरपी सान्याल भी मेले में पहुंचे। उन्होंने स्टॉलों का अवलोकन किया एवं कहा कि यह किसानों के लिए भी अंतरक्रिया का बेहतरीन अवसर है।


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