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देहरादून के गोरखा शहीद राइफलमैन शिशिर मल्ल को मरणोपरांत सेना मेडल


देहरादून : भारतीय सेना के गोरखा जांबाज राइफलमैन शिशिर मल्ल को मरणोपरांत सेना मेडल से नवाजा गया । वह चंद्रबनी देहरादून के रहने वाले थे। 32 राष्ट्रीय राइफल में तैनात रहते हुए वह विगत वर्ष दो सितंबर को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के रफियाबाद सेक्टर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। उनकी मूल यूनिट 3/9 गोरखा राइफल्स थी। वह वर्ष 2005 में सेना में भर्ती हुए थे। उनकी शिक्षा-दीक्षा राजा राममोहन राय अकेडमी से हुई। पिता सूबेदार मेजर स्व. सुरेश मल्ल के नक्शे कदम पर चलते हुए उन्होंने सेना ज्वाइन की और उसी 3/9 गोरखा का हिस्सा बने जिससे पिता सेवानिवृत्त हुए थे। शिशिर के छोटे भाई सुशांत मल्ल भी फौज में हैं। वह गोरखा राइफल्स की 11वीं बटालियन में तैनात हैं। बता दें कि विगत वर्ष दो सितंबर को रफियाबाद सेक्टर में घुसपैठ कर रहे आतंकियों व सुरक्षा बलों के बीच नौ घंटे तक जबरदस्त मुठभेड़ हुई थी। सुरक्षा बलों ने इस मुठभेड़ में लश्कर-ए-इस्लाम के एक आतंकी को ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ मे राइफलमैन शिशिर शहीद हो गए थे। शिशिर की जांबाजी को देखते हुए गणतंत्र दिवस पर उन्हें मरणोपरांत सेना मेडल दिया गया। 

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