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बंद पड़े उत्तर बंगाल के 7 चायबागानों के अधिग्रहण पर GJM ने केंद्र का जताया आाभार


दार्जिलिंग : बंद चल रहे उत्तर बंगाल के सात चाय बागानों के संचालन की बागडोर अपने हाथों में लेने के लिए गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया है। मोर्चा सुप्रीमो विमल गुरुंग की ओर से जारी बयान में केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) निर्मला सीतारमण एवं दार्जिलिंग के सांसद एसएस अहलूवालिया द्वारा बागानों का दौरा किए जाने के बाद केंद्र सरकार के कदम की सराहना करते हुए पर्वतीय क्षेत्र के बंद एवं दयनीय हाल में चल रहे बागानों की प्रगति के लिए भी पहल करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुंह से बंद चाय बागानों की बात नहीं निकल रही। उनके मंत्री का बागान भी बंद है। ऐसे मं सरकार की ओर से कोई पहल करने की बजाय अपने मंत्री का बचाव किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
 
विमल ने बंद बागानों को खुलवाने एवं श्रमिकों की दिहाड़ी में वृद्धि समेत अन्य समस्याओं के समाधान को निरंतर मुहिम चला रहे मोर्चा के श्रमिक संगठन दार्जिलिंग तराई डुवार्स प्लांटेशन लेबर यूनियन के प्रयासों की भी सराहना की। गौरतलब है कि उत्तर बंगाल के बंद चाय बागानों की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्री निर्मला एवं सांसद एसएस अहलूवालिया तीन जनवरी को उत्तर बंगाल पहुंचे थे। इस दौरान मोर्चा के साथ ही पार्टी के ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों ने भी मंत्री से मुलाकात कर उत्तर बंगाल एवं पर्वतीय क्षेत्र के बागानों की खस्ता हालत की जानकारी दी थी, साथ ही श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए बागानों की दशा में सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा पहल किए जाने की मांग की थी। 

मंत्री एवं सांसद ने उत्तर बंगाल के विभिन्न चाय बागानों का स्थलीय निरीक्षण एवं श्रमिकों से वार्ता कर हालात की जानकारी ली थी। लौटते समय उन्होंने सिलीगुड़ी में श्रमिक संगठनों एवं बागान प्रबंधकों के प्रतिनिधियों संग बैठक भी की थी। दौरे के एक माह के अंदर ही केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम से पर्वतीय क्षेत्र के श्रमिकों में ऊर्जा का संचार हो गया है।

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